राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में लगी भीषण आग

मौत के मुंह से निकले 68 यात्री
भीषण आग में 2 कोच जलकर खाक
भोपाल: दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर आलोट एवं लूणी स्टेशन के बीच तिरुवनंतपुरम हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग में ट्रेन के दो कोच जलकर पूरी तरह खाक हो गए. सुबह 5:15 बजे की यह घटना है. जहां ट्रेन की दो बोगियों में यह आग फैल गई. आग लगते ही ट्रेन में अफरा तफरी मच गई. ट्रेन रुकते ही सभी यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए. आग की सूचना मिलने पर लूणी और रिछा गांव के ग्रामीणों ने ट्रेन से नीचे उतरने में यात्रियों की मदद की. ट्रेन के गार्ड और दोनों बोगियों को ट्रेन से अलग किया गया.खास बात यह रही की फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम के अलर्ट की वजह से समय रहते राजधानी एक्सप्रेस को रोका जा सका और ट्रेन में सवार यात्रियों की जान बचाई जा सकी है.
कोटा रेल मंडल के आलोट और लूणी रिछारिया स्टेशन के बीच में राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 और एसएलआर कोच में यह आग सुबह करीब 5:15 पर लगी थी. कोटा रेल मंडल के एडीआरएम ललित कुमार धुरंधर ने बताया कि “ट्रेन में आग लगते ही फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम एक्टिव हो गया. जिसकी वजह से समय रहते ट्रेन में ऑटोमेटिक ब्रेक लग गए. जिसकी वजह से समय रहते यात्रियों को बाहर निकलने का मौका मिल गया और बड़ा हादसा होने की संभावना टल गई. इस दौरान ट्रेन के गार्ड उम्मेद कुमार ने जलते हुए कोच को ट्रेन से अलग किया. जिससे आग ट्रेन के अन्य कोच में नहीं फैली. धुएं और लपटों के बीच रेलवे कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मात्र 15 मिनट के अंदर कोच में मौजूद सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। एडीआरएम ने बताया कि यह रेलवे की एडवांस टेक्नोलॉजी है, जो राजधानी सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों में इंस्टॉल की जाती है. प्रत्येक कोच में 18 पॉइंट होते हैं, जो सेंसर के माध्यम से आग और धुएं को डिटेक्ट कर लेते हैं. इस घटना में भी इस सिस्टम की वजह से करीब 7 से 10 सेकंड में ट्रेन को रोकने में सफलता मिली है. आग लगने के कारण की जांच रेलवे के अधिकारियों की टीम कर रही है.जैसे ही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन आलोट और लूणी स्टेशन के बीच रुकी. दोनों कोच में लगी हुई आग की लपटे दूर-दूर तक दिखाई दी. इसी बीच लूणी और रिछा गांव के ग्रामीण पानी के टैंकर और कीटनाशक स्प्रे करने वाले पंप को लेकर आग बुझाने पहुंच गए. इस दौरान रेलवे कर्मचारी और ग्रामीणों ने यात्रियों को नीचे उतरने में मदद की और हादसे के बाद भी यात्रियों के लिए पीने के पानी और छांव की व्यवस्था की है.
आग लगने के कारण की होगी फोरेंसिक जांच
शुरुआती जानकारी के अनुसार तिरुवनंतपुरम हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की बात कही जा रही. प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आग बी-1 कोच और एसएलआर कोच के बीच में लगी थी, जिसके बाद दोनों ही कोच में आग फैलने लगी. इसी बीच ट्रेन लूणी के समीप रोकी गई. हालांकि आग लगने के कारण के बारे में रेलवे के अधिकारी जांच के बाद खुलासा होने की बात कह रहे हैं. कोटा रेल मंडल एडीआरएम ललित कुमार ने बताया कि “जांच करने के लिए रेलवे अधिकारियों की टीम गठित की गई है.”
बहाली कार्य में जुटे 5 रेलकर्मी घायल
इस अग्निकांड के बाद ट्रैक को बहाल करने और मरम्मत कार्य से जुड़ी एक और दुखद घटना सामने आई। श्याम नगर से आलोट की तरफ ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन की मरम्मत का सामान और उपकरण ले जा रही रेलवे की एक वैन अचानक पलट गई। सडक़ पर अचानक एक गाय के आ जाने के कारण चालक ने संतुलन खो दिया और वैन पलट गई। इस हादसे में पांच रेलवे कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है।

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