मुसलमान न कभी झुका है और न कभी झुकेगा: मदनी

देश को एक वैचारिक राष्ट्र में बदलने की हो रही कोशिश
नई दिल्ली :जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा है कि देश को योजनाबद्ध तरीके से एक वैचारिक राष्ट्र में बदलने की कोशिश की जा रही है। मदनी ने कहा कि पहले केवल मुसलमान निशाने पर थे। अब इस्लाम को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुसलमान न कभी झुका है और न कभी झुकेगा। मदनी ने कहा ‘देश के वर्तमान हालात, बढ़ती सांप्रदायिकता, संवैधानिक संस्थाओं की चुप्पी, मुसलमानों और इस्लामी प्रतीकों के खिलाफ बढ़ते कदम तथा नफरत आधारित राजनीति अत्यंत चिंताजनक है। मुसलमान प्रेम से झुक सकता है लेकिन ताकत, धमकी और अत्याचार के सामने उसे कभी झुकाया नहीं जा सकता।’
अरशद मदनी ने कहा सत्ता प्राप्ति के लिए अमन और एकता के साथ खतरनाक खिलवाड़ किया जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप धार्मिक उन्माद और नफरत लगातार बढ़ रही है जबकि कानून के रखवाले मूकदर्शक बने हुए हैं। हालिया चुनावों के बाद कुछ राजनीतिज्ञों में नफरत के आधार पर सत्ता हासिल करने का चलन और बढ़ गई है। बहुसंख्यक समुदाय को अल्पसंख्यकों के विरुद्ध खड़ा करने के लिए धार्मिक भावनाओं को भडक़ाया जा रहा है, जबकि सरकारें भय और धमकी से नहीं बल्कि न्याय और इंसाफ से चलती हैं। मदनी ने कहा ‘पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री का यह बयान कि वे ‘सिर्फ हिंदुओं के लिए काम करेंगे’ संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह विरुद्ध है क्योंकि हर मुख्यमंत्री शपथ लेकर सभी नागरिकों के साथ न्याय करने का संकल्प लेता है। सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी हर नागरिक के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है, न कि किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नफरत और विभाजन की राजनीति करना। मदनी ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने भी मुसलमानों को सामाजिक, शैक्षिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया, लेकिन आज हालात उससे कहीं अधिक गंभीर हो चुके हैं। अरशद मदनी ने कहा वर्तमान सरकार केवल मुसलमानों ही नहीं, बल्कि इस्लाम को भी नुकसान पहुंचाना चाहती है।’

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