यात्रियों के एक ओर झुकने से बिगड़ा संतुलन
जबलपुर। बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे को लेकर सामने आई जानकारी में गंभीर लापरवाहियां उजागर हुई हैं। सूत्रों के अनुसार हादसे के दिन मौसम विभाग की ओर से ‘येलो अलर्ट’ जारी था, जिसके बावजूद क्रूज को चलाया गया। दोपहर के समय अचानक मौसम खराब हुआ और तेज हवाओं के साथ ऊंची लहरें उठने लगीं।
तूफान की वजह से उठी बड़ी लहरों के डर से क्रूज में सवार यात्री घबराकर एक तरफ इक_ा हो गए, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान लहरों का पानी भी भीतर आने लगा और स्थिति गंभीर हो गई। अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि क्रूज में कितने लोग बैठे, इसका अभी तक आधिकारिक आंकड़ा तय नहीं हो पाया है। क्रूज नाव करीब 90 लोगों की क्षमता वाली थी, लेकिन उस समय इसमें लगभग 40 यात्री सवार थे।
पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं : विजयवर्गीय
बरगी क्रूज हादसे के बाद इस घटना पर राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि बरगी क्रूज हादसे के कारण हमारी पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होंगी लेकिन यह बात सच है कि हमारे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं हैं. यह हमारी व्यवस्थाओं पर सीधे तौर पर प्रश्न चिन्ह लगाता है. विजयवर्गीय ने कहा इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्रवाई की है और आगे भी जांच के बाद किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
क्रूज को तोडक़र किया गया नष्ट
क्रूज को पानी के भीतर से खींचकर किनारे तक लाया गया था. इसके बाद क्रूज के भीतर से 3 लोगों की बॉडी मिली थी. एक संभावना यह थी कि क्रूज के भीतर के किसी केबिन में किसी की लाश ना फांसी हो, इसलिए क्रूज को तोडक़र उसके भीतर के केबिन तक जाने की कोशिश की गई है और धीरे-धीरे करके पूरे क्रूज को बाहर लाकर चकनाचूर कर दिया गया है. प्रशासन की कोशिश यह है कि यदि क्रूज के किसी हिस्से में किसी पर्यटक की बॉडी फंसी हो तो उसे निकाला जा सके लेकिन इसमें किसी का भी शव नहीं मिला है.
बरगी में चल रहे सर्च अभियान में दो बच्चों के शव मिले
बरगी में चल रहे सर्च अभियान के दौरान शनिवार शाम विराज सोनी पिता कृष्ण सोनी निवासी कोतवाली व श्रीतमिल पिता कामराज निवासी वेस्टलैंड खमरिया का शव पाया गया। दो शव और मिलने के बाद क्रूज हादसे में मृतक संख्या बढक़र 11 पहुंच गई है। बरगी बांध में गुरुवार को डूबे क्रूज में सवार लापता चार पर्यटकों में से दो बच्चों के शव मिल गए हैं, जबकि दो अन्य की तलाश अब भी जारी है। हादसे के 48 घंटे बाद भी राहत एवं बचाव दल लापता लोगों की खोज में जुटा हुआ है। तेज हवा के कारण अभियान में बार-बार बाधा आ रही है। छोटी बोट से सर्च ऑपरेशन जोखिम भरा बना हुआ है। गोताखोर लगातार पानी के अंदर जाकर तलाश कर रहे हैं।
बरगी जलाशय हादसे की उजागर हुईं बड़ी लापरवाहियां, येलो अलर्ट के बावजूद लहरों में उतारा क्रूज