बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया जा रहा: डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने राज्यस्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का किया शुभारंभ
शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का बढ़ा आकर्षण
विकासखंड स्तर पर लगेंगे बुक फेयर, निजी स्कूलों के बच्चों को भी मिलेंगी सस्ती पुस्तके
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। प्रदेश में बड़े पैमाने पर शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का आकर्षण बढ़ा है। इनमें ड्रॉप आउट खत्म करने के लिए शिक्षकों के साथ समाज के हर वर्ग ने संकल्प के साथ मेहनत की है। हमारे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी बनें, उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 76 हजार 325 शिक्षकों की समय पर नियुक्ति की गई। मुख्यमंत्री मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपाल में राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कदम से कदम मिलाकर चल रही है। प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक “स्कूल चले हम” अभियान चलेगा और बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों में कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे वर्ष 2025-26 में कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में भी 32.4 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। यह शासकीय स्कूलों पर बढ़ते विश्वास का परिचायक है। राज्य सरकार ने मौजूदा सत्र में स्कूलों में 1 करोड़ 45 लाख नामांकन करने का लक्ष्य रखा है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है, जो देश में सबसे अच्छे स्कूल हैं। मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पीएमश्री स्कूल भी आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में महती भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्कूल चले हम” अभियान बच्चों को शिक्षा से जोडऩे का एक अभिनव प्रयास है। प्रदेश के सभी 55 जिलों के प्रत्येक गांव का एक-एक बच्चा स्कूल में प्रवेश ले रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए नि:शुल्क साइकिलें वितरित की गई हैं। आगामी 3 से 4 महीने तक शासकीय स्कूलों के 4 लाख बच्चों को साइकिलें मिलेंगी। विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क गणवेश, किताबें और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 49 किताबें हिंदी और स्थानीय भाषा में तैयार कर जनजातीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों को वितरित की जा रही हैं। प्रदेश में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1913 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। अनुसूचित जनजातीय कार्य विभाग के 25 हजार 439 विद्यालयों में आज 20 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या अधिक अंक अर्जित करने वाले 94 हजार 306 मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क लैपटॉप वितरित किये गए। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट में लैपटॉप के लिए 250 करोड़ रुपए, स्कूटी के लिए 100 करोड़ रूपए और साइकिल वितरण के लिए 210 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बोर्ड परीक्षा के स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात दी जा रही है।

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