एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने जारी की रिपोर्ट, राज्यसभा के 73 सांसदों पर क्रिमिनल केस

भाजपा के सबसे ज्यादा 27 सांसद
नई दिल्ली:राज्यसभा के 73 सांसदों पर क्रिमिनल केस चल रहे हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने राज्यसभा के 229 सांसदों की एक रिपोर्ट जारी की। इसमें हाल ही में चुने गए 37 सांसद भी शामिल हैं। राज्यसभा में 245 सदस्य होते हैं। राज्यसभा के 73 सांसदों में से 36 पर गंभीर आरोप हैं। एक सांसद पर मर्डर का केस है। वहीं चार सांसदों पर हत्या की कोशिश और तीन पर महिलाओं से जुड़े अपराध के केस हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 31 सांसद सांसदों ने खुद को अरबपति घोषित किया है। बड़ी पार्टियों में कई सांसदों ने 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बताई है। भाजपा के 6, कांग्रेस के 5, वाईएसआरसीपी के 4, आप के 2, वीआरएस के 2, एनएसपी के 3 और अन्य दलों के 9 सांसद इस लिस्ट में हैं। एक राज्यसभा सांसद के पास औसतन करीब 120.69 करोड़ रुपए की संपत्ति है। पार्टियों के हिसाब से औसत संपत्ति अलग-अलग है। भाजपा के 99 सांसदों के पास औसतन 28.29 करोड़, कांग्रेस के 28 सांसदों के पास 128.61 करोड़, टीएमसी के 13 सांसदों के पास 17.70 करोड़ और आप के 10 सांसदों के पास 574.09 करोड़ रुपए हैं। डीएमके के 8 सांसदों के पास औसतन 11.90 करोड़, वाईएसआरसीपी के 7 सांसदों के पास 522.63 करोड़, समाजवादी पार्टी के 4 सांसदों के पास 399.71 करोड़, बीजेडी के 6 सांसदों के पास 105.63 करोड़ रुपए की संपत्ति है। सबसे ज्यादा तेलंगाना से भारत राष्ट्र समिति के सांसद बंदी पार्थ सराधी के पास 5300 करोड़ की संपत्ति है। उनके बाद आप के राजिंदर गुप्ता के पास 5053 करोड़ और वाईएसआरसीपी के अयोध्या रामी रेड्डी के पास 2577 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। सबसे कम संपत्ति आप के संत बलबीर सिंह के पास है। उनकी कुल संपत्ति करीब 3 लाख रुपए है। वहीं मणिपुर के महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा के पास करीब 5 लाख और टीएमसी के प्रकाश चिक बराइक करीब 9 लाख हैं।
40 प्रतिशत मुख्यमंत्रियों पर क्रिमिनल केस
देश के 30 मुख्यमंत्रियों में से 12 यानी 40 प्रतिशत मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 10 यानी 33 फीसदी पर हत्या की कोशिश, किडनैपिंग और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर केस हैं। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी पर सबसे ज्यादा 89 मामले दर्ज हैं।
देश के आधे सांसदों-विधायकों पर क्रिमिनल केस
रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 45 प्रतिशत विधायकों ने अपने ऊपर क्रिमिनल केस घोषित किए हैं, जबकि 29 प्रतिशत गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं। वहीं 46 प्रतिशत सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। महिलाओं से जुड़े अपराधों की बात करें तो इसमें पश्चिम बंगाल सबसे आगे है। आंध्र प्रदेश का दूसरा नंबर है।

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