जालोर :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि स्मार्टफोन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि नशा और स्मार्टफोन दोनों ही समान रूप से हानिकारक हैं। मुख्यमंत्री ने माता-पिता से आग्रह किया कि वे बच्चों को स्मार्टफोन न दें और उन्हें पढ़ाई, योग व शारीरिक व्यायाम के लिए प्रेरित करें। योगी ने राजस्थान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे समय तक मोबाइल फोन और कंप्यूटर की स्क्रीन देखने से आंखों पर असर पड़ता है, दिनचर्या बिगड़ती है और अवसाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
आदित्यनाथ ने कहा “देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है। नशे से लडऩे के प्रयास करने होंगे। नशा खतरनाक है और स्मार्टफोन भी उतने ही हानिकारक हैं इसलिए बच्चों को दोनों से बचाना चाहिए।” योगी ने चेतावनी दी कि घंटों स्मार्टफोन पर ऑनलाइन गेम व डिजिटल मंच बच्चों को नकारात्मकता और अवसाद की ओर धकेल सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से अवसाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। योगी ने कहा अगर बच्चा रो रहा है तो उसे रोने दें। अगर बच्चा पूरा दिन स्मार्टफोन देखेगा तो उसकी आंखों पर असर पड़ेगा। फोन की जगह किताबों, योग या व्यायाम में समय लगाया जाए तो जीवन में प्रगति होगी।” मुख्यमंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे स्मार्टफोन का सीमित इस्तेमाल करें, परिवार के साथ ज्यादा समय बिताएं और भोजन व पूजा के समय फोन से दूर रहें। योगी ने कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है और सरकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि युवाओं की उपेक्षा न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों होती हैं इसलिए असफलता से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी सलाह दी कि रात में आपातकालीन कॉल के अलावा स्मार्टफोन का इस्तेमाल न किया जाए।
नशा और स्मार्टफोन दोनों ही समान रूप से हानिकारक: योगी