संसद तख्तियों और नारेबाजी की जगह नहीं
संसद के सत्रावसान के लिए समय-सीमा तय नहीं
नई दिल्ली :लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में युवाओं के प्रदर्शन को लेकर कहा है कि संसद में हर सांसद को कोई भी मुद्दा उठाने का अधिकार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में तख्तियां दिखाने और नारेबाजी की जगह नहीं है। मीडिया से बातचीत के दौरान बिरला ने सांसदों के अधिकार और सदन में चर्चा के नियमों को स्पष्ट करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण विषयों पर उचित परामर्श के बाद चर्चा होती है।
ओम बिरला ने बताया कि संसद में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसका फैसला कार्य मंत्रणा समिति करती है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श और परामर्श के बाद चर्चा कराई जाती है। इसका मतलब है कि सांसदों को मुद्दे उठाने का अधिकार है, लेकिन किसी विषय पर सदन में चर्चा कराने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार चलती है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी लोकतांत्रिक परंपरा के तहत स्वतंत्र रूप से विचार रखने और चर्चा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिरला ने कहा कि दुनिया में होने वाली घटनाओं का असर स्वाभाविक रूप से हर देश पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र भारत की जीवंत परंपरा का हिस्सा है और देश में बहस, चर्चा तथा स्वतंत्र अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। बिरला के मुताबिक भारत ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे दुनिया को भी लाभ मिल सके। बिरला ने कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पडऩे पर वैश्विक संघर्षों पर चर्चा की जाएगी। बिरला के अनुसार, शांति से ही अर्थव्यवस्था और समाज में स्थिरता आ सकती है। उन्होंने आतंकवाद को भी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बताया और कहा कि भारत इस खतरे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद का मुद्दा मजबूती से उठाएगा और दुनिया को बताएगा कि आतंकवाद समाप्त होना चाहिए

