सत्ता परिवर्तन गैंग’ सफल नहीं हो पाया
भोपाल। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बीजेपी और उसके नेताओं की “एक्सपायरी डेट” के बारे में टिप्पणी करना हास्यास्पद है, क्योंकि यह बात एक “फेल प्रोडक्ट” की तरफ से आ रही है। चौहान ने कहा यह सुनकर हंसी आती है कि जो प्रोडक्ट अपने 99 लॉन्च प्रयासों में हर बार क्वालिटी चेक में फेल रहा, वह अब बीजेपी की एक्सपायरी डेट के बारे में बात कर रहा है।
चौहान ने विपक्ष पर तंज कसते हुए ‘सत्ता परिवर्तन गैंग सफल नहीं हो पाया क्योंकि देश के युवाओं, किसानों और महिलाओं को देश के नेतृत्व पर भरोसा है। चौहान ने कहा देश के लोगों को ऐसे नेतृत्व पर भरोसा है जिसने दुनिया के सामने भारत का मान बढ़ाया है, देश को आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩा सिखाया है और जो हर चुनौती के सामने मजबूती से खड़ा रहता है। भारत को न तो झूठे नैरेटिव से गुमराह किया जा सकता है और न ही ऐसी साजिशों या विचारों से डराया जा सकता है जो देश को कमजोर करते हों। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सम्मान और इसके 1.4 अरब लोगों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। चौहान ने कहा, जनता का भरोसा किसी नैरेटिव पर निर्भर नहीं करता। यह काम, प्रतिबद्धता और नेतृत्व की ईमानदारी से बनता है। चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि बीजेपी सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के पुनर्निर्माण और गरीबों, महिलाओं, युवाओं तथा किसानों के कल्याण के लिए समर्पित एक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि बीजेपी केवल एक राजनीतिक दल नहीं है। यह एक आंदोलन है, राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक बड़ा प्रयास है। बीजेपी गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। यह माताओं, बहनों, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित एक आंदोलन है। ऐसे विचार रखने वाले कई लोग आए और चले गए। भारत में आपातकाल का जिक्र करते हुए, चौहान ने कहा कि जिन्होंने इसे लागू किया था, उन्हें अंतत: चुनावों में जनता ने हरा दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने आपातकाल भी थोप दिया था। उन्होंने पूरे देश को एक जेल में बदल दिया था। लेकिन अंत में जनता ने चुनावों में उन्हें लगातार हराया। भाजपा आगे बढ़ती रहेगी और देश की सेवा करती रहेगी। चौहान ने कहा कि भरोसा काम, प्रतिबद्धता और नेतृत्व की ईमानदारी से बनता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत न तो झूठे विमर्शों से गुमराह होता है, न ही साजिशों से डरता है, और न ही देश को कमजोर करने वाली सोच के सामने झुकता है। जनता का भरोसा किसी विमर्श पर निर्भर नहीं करता। यह काम, प्रतिबद्धता और नेतृत्व की ईमानदारी से बनता है
