कोलकाता: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात हएु हादसे में 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 5 मरीज भर्ती हैं। पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मामले में गिरफ्तार सात लोगों को पुलिस ने स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने कोलकाता के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और सुरक्षा उपायों की सिफारिश करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार रात इस टीम का गठन किया, जिसमें राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव राजेश सिंह, दमकल सेवा महानिदेशक अनुज शर्मा और स्पेशल टास्क फोर्स के अतिरिक्त महानिदेशक जावेद शमीम शामिल हैं। यह टीम कोलकाता पुलिस के सहयोग से शहर के लोकप्रिय पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्य गृह सचिव संघमित्रा घोष को सौंपेगी। पुलिस महानिदेशक इस टीम का मार्गदर्शन करेंगे। श्री अधिकारी ने कहा कि पूजा कमेटियों को इस टीम की सिफारिशों का पालन करना होगा। यदि किसी पंडाल का ढांचा असुरक्षित पाया जाता है या उसके गिरने का जोखिम रहता है, तो आयोजकों को उत्सव को केवल पुरोहितों द्वारा संपन्न कराए जाने वाले पूजा अनुष्ठानों तक ही सीमित रखना पड़ सकता है। पंडालों के बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई जा सकती हैं, ताकि दर्शक परिसर में प्रवेश किए बिना कार्यक्रम देख सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा, यदि आवश्यक हो, तो केवल पुरोहित द्वारा अनुष्ठान संपन्न कराते हुए पूजा करें। यदि ढांचा क्षतिग्रस्त है या गिर सकता है तो पूजा के बाद कार्यक्रम रोक दें। बाहर एलईडी स्क्रीन लगाएं, ताकि लोग अंदर होने वाले कार्यक्रम देख सकें।” श्री अधिकारी ने लोगों से अगले दो से तीन दिनों तक सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस त्रासदी के मद्देनजर सभी पूजाओं को बंद नहीं किया जा सकता है।उन्होंने पूजा कमेटियों से भी सहयोग का आग्रह किया।
