प्रधानमंत्री ने एशियाड पदक विजेताओं से किया संवाद
हमें भारत को नयी बुलंदियों तक पहुंचाना ह
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आइची नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाडिय़ों से मुलाकात के दौरान ओलंपिक 2036 की मेजबानी के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत के सपने बड़े हैं और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास भी हर भारतीय के पास है.
जापान में एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा हमारे सपने बड़े हैं, हमारे संकल्प भी बड़े हैं लेकिन इन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास भी आज हर हिंदुस्तानी के पास है. इसलिये मैं पूरे विश्वास से कहता हूं कि भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करेगा. उन्होंने कहा आपका उत्साह, आत्मविश्वास ही नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है. इसी के साथ हमें भारत को नयी बुलंदियों तक पहुंचाना है . 2047 में विकसित भारत, ओलंपिक का आयोजन, नये खेलों में पदक, हम यह सारे लक्ष्य हासिल करेंगे. उन्होंने एशियाई खेलों में मिले पदकों को करोड़ों भारतीयों की सफलता बताते हुए कहा आप सभी युवा एथलीट इस बात के उदाहरण हैं कि जुनून जब जीत में बदलता है तो कैसे पदक के साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है. आपकी सफलता केवल आपकी नहीं बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की सफलता है.प्रधानमंत्री ने कहा हमें खेलों में और भी बड़ी ऊंचाइयों तक जाना है मैं आपको संकल्प कराना चाहता हूं कि हर मैदान पर तिरंगे की शान, खेलों में भारत की नयी पहचान, हर खेल में नए चैम्पियंस, हमारे नाम कई और नये रिकॉर्ड. उन्होंने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद का जिक्र करते हुए कहा कि हॉकी के प्रति उनका समर्पण और परिश्रम याद दिलाता है कि संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते. उन्होंने कहा इसके लिए वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है .भारत ने भी बीते बारह वर्षों में बहुत धैर्य और परिश्रम के साथ अपने खिलाडिय़ों और खेलों के इकोसिस्टम पर काम किया है. देश में यह बदलाव उसी भावना से आया है जिसकी बदौलत खिलाडिय़ों ने सफलता हासिल की है. मोदी ने कहा कि आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा रहता है कि उसके पूरे सफर में देश उसके साथ है और यह उसकी सफलता में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने एशियाई खेलों में युवाओं और महिला खिलाडिय़ों खासकर स्वर्ण पदक विजेता महिला हॉकी टीम की खास तौर पर तारीफ की.
सफलता के लिए उम्र बंदिश नहीं होती
प्रधानमंत्री ने कहा एशियाई खेलों में 15 और 17 साल के खिलाडिय़ों के प्रदर्शन ने दिखाया कि सफलता के लिए उम्र बंदिश नहीं होती. मैं हमारी बेटियों की खास तौर पर सराहना करना चाहता हूं. भारत ने जो 85 पदक जीते हैं जिनमें से 38 महिला खिलाडिय़ों ने जीते हैं और इनमें 11 स्वर्ण शामिल हैं . ये पदक सिर्फ एक संख्या नहीं है बल्कि नए भारत की सतत तस्वीर है. उन्होंने कहा महिला हॉकी टीम ने स्वर्ण लाकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है. आज भारत ऐसे खेलों में भी पदक जीत रहा है जिनमें एशियाई खेलों में हमें पहले कभी पदक नहीं मिला था. उन्होंने खिलाडिय़ों से युवाओं को प्रेरित करने का आहवान करते हुए कहा जिन मैदानों पर आपने खेलना शुरू किया था, वहां जरूर जाइये. देश के युवाओं को आपसे केवल खेल की प्रेरणा नहीं मिलती बल्कि खेल हमें गिरकर फिर से खड़े होने, हारकर जीतने की सीख देते हैं. यही खिलाड़ी भावना जीवन भर काम आती है.

