चुनाव आयोग ने 17 राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट करने का दिया निर्देश
नई दिल्ली : निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को घोषणा की कि 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’किया जाएगा. इनमें वैसे राज्य भी शामिल हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा सहित इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे एक पत्र में आयोग ने बताया कि एक जनवरी 2027 पात्रता तिथि मानी जाएगी.
एसएसआर का मकसद पात्र मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को मतदाता सूची में शामिल करना, इसकी प्रविष्टियों में सुधार करना और इसमें संशोधन को और बेहतर बनाना है. इसमें जहां 403-सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त हो रहा है, वहीं 60-सदस्यीय मणिपुर, 40-सदस्यीय गोवा, 117-सदस्यीय पंजाब और 70-सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होगा. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने यह भी तय किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां इसका कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा. इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जहां अभी एसआईआर होना बाकी है वहां भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्यक्रम उचित समय पर घोषित किया जाएगा,
एसआईआर और एसएसआर में क्या है अंतर?
संक्षिप्त पुनरीक्षण का मुख्य ध्यान नए पात्र व्यक्तियों को जोडऩे और सामान्य सुधारों पर होता है, जबकि ‘एसआईआर’ कहीं अधिक व्यापक प्रक्रिया होती है. इसमें पूरे राज्य में घर-घर जाकर सत्यापन करने के अलावा प्रविष्टियों की बारीकी से जांच करना और बड़े पैमाने पर डेटा का ऑडिट करना शामिल होता है. एसएसआर के तहत यदि कोई मतदाता अपना घर बदलता है, तो उसे अपना पता अपडेट करने के लिए एक फॉर्म भरना पड़ता है. लेकिन एसआईआर में ऐसा नहीं है. एसआईआर के तहत बूथ लेवल ऑफिसर उस पते पर जाते हैं, यह पुष्टि करते हैं कि मतदाता अभी भी वहां रहता है या नहीं, और यह भी देखते हैं कि क्या कोई नया व्यक्ति पात्र हो गया है.

