मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस का किया शुभारंभ
सरकार सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध
नवकरणीय ऊर्जा का ऊर्जा भंडारण समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण
मप्र देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में सभी क्षेत्रों में बिजली अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। राज्य सरकार बिजली की खपत बढ़ाने के साथ-साथ इसके उत्पादन और संधारण पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक के साथ नई इकाइयां प्रारंभ की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में 360 डिग्री बदलाव आया है। जी-20 सम्मेलन में जब ग्रीन-क्लीन एनर्जी का उत्पादन बढ़ाने और उपयोग का मुद्दा उठा, तो भारत ऐसा देश रहा, जिसने 50 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करके दिखाया है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प से ही संभव हो पाया है। अब हम नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड स्वयं तोड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण की किफायती खरीद विषय पर आयोजित ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश, पॉवर कट से पॉवर सरप्लस स्टेट अर्थात बिजली गुल से बिजली फुल राज्य बना है। हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जो अपनी ऊर्जा जरूरत से आगे बढक़र देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। वर्तमान में नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण केवल देश ही नहीं, अपितु समग्र पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज मध्यप्रदेश में 32 हजार मेगावॉट की ऊर्जा क्षमता है, जिसमें से 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। मध्यप्रदेश, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत वितरण कम्पनियों के साझा मंच से ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों के ठोस समाधान निकलेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी क्षेत्रों की अपनी एक अलग विशेषता है। ग्रीन- गो ने नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावॉट क्षमता का प्लांट स्थापित किया है। यह देश का सबसे अनूठा और सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा। आमतौर पर इतनी बड़ी परियोजना का काम पूरा होने में 4 से 6 वर्ष लग जाते हैं। हमारे लिये गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश में यह काम केवल दो से ढाई साल में पूर्ण हो रहा है। राज्य सरकार बिजली उत्पादन में आ रही सभी प्रकार की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश को सौर ऊर्जा की शक्ति से परिचित कराया है। देश में सौर ऊर्जा के उपयोग के कारण कार्बन उत्सर्जन में 20 करोड़ टन से अधिक गिरावट दर्ज की गई है। थर्मल पॉवर और अन्य पारंपरिक तरीकों के स्थान पर अब हम विंड, सोलर और पंप स्टोरेज से बिजली बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में अब पानी से और पानी पर भी बिजली बन रही है।
सेवा संकल्प अभियान में मध्यप्रदेश, देश में प्रथम
मुख्?यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के संदर्भ में आरंभ सेवा संकल्प अभियान में मध्यप्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है। आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में लगभग 3 करोड़ 88 लाख दीयें सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में प्रज्ज्वलित किये गये। प्रदेश के लगभग 23 हजार आईकॉनिक एवं प्रमुख स्थलों पर रोशनी की गई। उज्जैन में 33 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। प्रदेश में 650 से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित हुए, जिनमें लगभग 11 हजार यूनिट रक्त एकत्र हुआ। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी मंत्रालय में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर-भोपाल-इंदौर एक नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर पर 04 बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे और उनके साथ इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी बनाई जायेगी। इन 04 औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित होने पर आने वाले समय में 02 लाख से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। प्रदेश के युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए इस कॉरिडोर पर स्किल सिटी बनाई जाएगी, जो विकसित मध्यप्रदेश की नई पहचान बनेगी। यहां हर साल 50 हजार से अधिक युवाओं का कौशल विकास और क्षमतावर्धन होगा। इससे युवाओं के कौशल विकास और रोजग़ार के सपनों को नए पंख मिलेंगे। प्रदेश की यही उद्यमी, कुशल, कर्मठ, ऊर्जा से भरी युवा पीढ़ी विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला रखेगी।
ग्वालियर को बड़े टैलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग हब के रूप में विकसित कर रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर को हम देश के एक बड़े टैलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग हब के रूप में विकसित कर रहे है। इस क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश कैसे आए, इस दृष्टि से आज 22 सितम्बर को बैंगलुरु में निवेश संवाद कार्यक्रम है। आगामी 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में बड़ा निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़े निवेशक बड़ी संख्या में भाग लेंगे। टेलीकॉम और सेमीकंडक्टर दोनों क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश लाने पर राज्य सरकार का लगातार फोकस रहेगा। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 37 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। प्रदेश के 07 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। कुल 11 जिले ऐसे हैं, जहाँ सामान्य से कम वर्षा हुई है।

