मुख्यमंत्री ने किया गोदरेज की चौथी नवीन एकीकृत विनिर्माण इकाई का शुभारंभ
चम्बल औद्योगिक प्रगति से बना रहा नई पहचान
मप्र में बेरोजगारी दर सबसे कम
तेजी से औद्योगिक तरक्की करने में देश में अव्वल है मप्र
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल तो है ही, अब देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों के दिलों में भी बसता है। प्रसिद्ध औद्योगिक प्रक्षेत्र मालनपुर में गोदरेज की चौथी नई एकीकृत विनिर्माण इकाई का शुभारंभ उद्योग जगत के मध्यप्रदेश पर दिनों-दिन बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि चम्बल अब तेजी से बदल रहा है। प्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति में चम्बल अपने इतिहास को पीछे छोडक़र अब पूरी क्षमता से अपनी एक नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने भिंड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की चौथी नवीन एकीकृत औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के बदलते स्वरूप के बारे में कहा कि चंबल की भूमि बेहद उपजाऊ है। आज लगातार यहां नई-नई औद्योगिक इकाइयां लग रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोदरेज ने लगभग तीन दशक पहले मालनपुर में पहली इकाई स्थापित करते समय चुनौतियों के बजाय संभावनाओं को देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में मैन्युफैक्चरिंग महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में मिले निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक निवेश धरातल पर उतर चुका है। राज्य में उत्पादित करीब 76 हजार करोड़ रुपए के उत्पाद अब सात समंदर पार निर्यात किए जा रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति हासिल करने वाला राज्य बन गया है। मध्यप्रदेश की बेरोजगारी दर पूरे देश में सबसे कम है। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गोदरेज का सफर राज्य की औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्धता और उद्योगों के साथ स्थायी पार्टनरशिप का प्रमाण है।
प्रदेश की समृद्धि के लिए हम केन्द्र के साथ कर रहे कदम ताल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और मध्यप्रदेश बदल रहा है। यहां लगातार औद्योगिक निवेश आने और फैक्ट्रियों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन का क्रम जारी है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पिछले करीब दो महीने में आज तीसरी औद्योगिक ईकाई का शुभारंभ हो रहा है। औद्योगिक घरानों के प्रयासों से कई घरों में आर्थिक समृद्धि और विकास की नई रौशनी आती है।डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश युवाओं की समृद्धि और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। मध्यप्रदेश की विदेशी निर्यात क्षमता बढक़र अब 76 हजार करोड़ हो चुकी है। मध्यप्रदेश की सीमाओं पर कोई समुद्र नहीं है, लेकिन हमारे उत्पाद सात समंदर पार दूर देशों तक पहुंच रहे हैं। हमारी सरकार मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य में तेजी से आ रहे निवेश से हमारे युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
मालनपुर से गोदरेज का रिश्ता 35 साल पुराना :सुश्री निसाबा
गोदरेज ग्रुप की एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन सुश्री निसाबा गोदरेज ने कहा कि इस विस्तार के बाद अब एशिया की सबसे बड़ी सोप मैन्युफैक्वरिंग सुविधा मालनपुर में है। इस फैक्ट्री ने मैन्युफैक्चरिंग में महिलाओं के लिए अवसरों का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले साल मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं को नाईट शिफ्ट में काम करने में समर्थ बनाने के लिए जो कदम उठाया है और उनकी सुरक्षा के जो उपाय किए हैं, उससे हमारा उत्साह काफी बढ़ा है। इस फैसले से महिलाओं के लिए नौकरियों, कौशल और लीडरशिप की भूमिकाओं के अवसर बढ़े हैं। सुश्री निसाबा गोदरेज ने कहा कि मालनपुर से गोदरेज का रिश्ता 35 साल पुराना है। गोदरेज साबुन आज मालनपुर की धरती पर तैयार होकर देश का अग्रणी ब्रांड बनी है। महिलाओं को हर क्षेत्र में समानता, सम्मान और अवसर मिलने चाहिए। मध्यप्रदेश में मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिली थी। वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त होने के लिए गोदरेज राज्य सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार निवेश आ रहा:विधानसभा अध्यक्ष
मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार निवेश आ रहा है। पहले चंबल को देश का पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था। अब यहां धीरे-धीरे औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है। भिंड जिले में हाइड्रोजन तैयार करने के लिए प्लांट का शिलान्यास भी हो चुका है। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र से प्रधानमंत्री श्री मोदी के मेक इन इंडिया का संकल्प पूरा हो रहा है। यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बन रहा है। मुरैना शहर में सरसो की पिराई की ईकाई बड़ी संख्या में है। ग्वालियर-चंबल संभाग में नए-नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
