नेपाल में मानसूनी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई दिनों से जारी तेज बारिश के कारण कोशी, नारायणी, कर्णाली और राप्ती जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच गया है। इससे कई जिलों में बाढ़ का पानी घरों, खेतों और बाजारों तक पहुंच गया है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने भूस्खलन की घटनाओं में भी तेजी ला दी है, जिससे कई सड़कें बंद हो गई हैं और दूर-दराज के गांवों का संपर्क टूट गया है।
100 से अधिक लोगों की मौत, कई लापता
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि कई घायल अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि कई प्रभावित इलाकों तक राहत दलों की पहुंच अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
बाढ़ और भूस्खलन का असर खासतौर पर इन क्षेत्रों में देखा जा रहा है—
कोशी क्षेत्र
मधेश प्रदेश
बागमती प्रदेश
लुंबिनी प्रदेश
कर्णाली प्रदेश
सुदूरपश्चिम के कई जिले
इन इलाकों में हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
राहत और बचाव अभियान तेज
नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की संयुक्त टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं।
राहत कार्यों में शामिल हैं—
नावों से लोगों को सुरक्षित निकालना
हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाना
अस्थायी राहत शिविरों की स्थापना
भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना
कई स्थानों पर स्थानीय स्वयंसेवी संगठन भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त
लगातार बारिश के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन हुआ है। दर्जनों पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात प्रभावित हुआ है। कई पहाड़ी मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे राहत कार्यों में भी कठिनाई आ रही है।
किसानों को भारी नुकसान
बाढ़ का सबसे बड़ा असर कृषि पर पड़ा है।
धान की फसल जलमग्न हो गई।
सब्जियों की खेती को नुकसान पहुंचा।
पशुधन के बहने की भी कई घटनाएं सामने आई हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर आने वाले महीनों में खाद्यान्न उत्पादन पर भी पड़ सकता है।
भारत के सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट
नेपाल में लगातार बारिश का असर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर भी पड़ रहा है।
कोशी, गंडक और घाघरा जैसी नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी
नेपाल के मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने, पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
