अव्यवस्था या विनाश के रास्ते से नहीं लाया जा सकता बदलाव: आरएसएस


सिस्टम की नाकामी का नतीजा है विरोध
विशाखापत्तनम । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शनों को केवल भ्रष्टाचार का मामला मानने से इनकार किया है। संघ के नेता सीआर मुकुंदा ने कहा कि इन प्रदर्शनों के पीछे व्यवस्था की कुछ व्यापक नाकामियां भी सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए। संघ की तीन दिवसीय समन्वय समिति की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुकुंदा ने कहा कि देश की व्यवस्थाओं में कमियां हैं, लेकिन बदलाव अव्यवस्था या विनाश के रास्ते से नहीं लाया जा सकता।
मुकुंदा ने कहा कि युवाओं की चिंताएं केवल नीट या किसी एक सरकार से जुड़ी नहीं हैं। शिक्षा, रोजगार और तेजी से बदलते समाज में युवाओं की आकांक्षाएं भी इस व्यापक चर्चा का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को लेकर जो चिंताएं और बेचैनी है, उसे समझने और उसका समाधान करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, देश की विभिन्न व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों को दूर करना जरूरी है। आरएसएस नेता ने कहा कि व्यवस्था को बेहतर तरीके से चलाने के लिए सरकार को जरूरी कदम उठाने होंगे और समाज को भी जागरूक होकर अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, व्यवस्था में सुधार केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग से भी संभव है। मुकुंदा ने कहा कि बदलाव अव्यवस्था या विनाश के जरिए नहीं लाया जा सकता। उन्होंने समस्याओं को रचनात्मक और सकारात्मक तरीके से हल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताओं को समझना होगा और व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

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