माता-पिता को खो चुके बच्चों की फीस माफ


माशिम ने 10वीं-12वीं व डीएलएड के विद्यार्थियों को दी बड़ी राहत
नामांकन और परीक्षा दोनों शुल्कों से रहेगी छूट।
भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत का फैसला लिया है, जिनके माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है। अब इन विद्यार्थियों से नामांकन और परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार ऐसे बच्चे पढ़ाई बीच में छोडऩे को मजबूर हो जाते हैं। इसी को देखते हुए माशिमं ने शुल्क में पूरी छूट देने का निर्णय लिया है।
माशिमं के आदेश के मुताबिक, इस सुविधा का लाभ उन विद्यार्थियों को भी मिलेगा जो अपने किसी रिश्तेदार के साथ रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा सरकारी अनाथालय या किसी अन्य मान्य संस्था में रहकर शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भी शुल्क माफी के पात्र होंगे। शुल्क माफी की सुविधा माशिमं की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा, द्वितीय बोर्ड परीक्षा, डीएलएड परीक्षा और नामांकन पर लागू होगी। यानी पात्र विद्यार्थियों को इन परीक्षाओं के लिए नामांकन और परीक्षा शुल्क जमा नहीं करना होगा। हालांकि, शुल्क माफी का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। माशिमं के अनुसार नामांकन या परीक्षा फार्म भरते समय विद्यार्थी को माता-पिता दोनों के निधन का प्रमाण-पत्र देना होगा। साथ ही जिस रिश्तेदार, सरकारी अनाथालय अथवा संस्था के संरक्षण में वह रहकर पढ़ाई कर रहा है, वहां से संबंधित प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर विद्यार्थी को शुल्क छूट का लाभ नहीं मिलेगा। इस वर्ष माशिमं ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का शुल्क 1200 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया है। इसी तरह नामांकन शुल्क भी 300 से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया है। ऐसे में माता-पिता दोनों को खो चुके विद्यार्थियों के लिए फीस माफी का फैसला आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
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