क्रिमनल कंटेंप्ट में हाईकोर्ट ने संजय पाठक को माना दोषी
जबलपुर: क्रिमनल कंटेंप्ट मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बीजेपी विधायक संजय पाठक को दोषी करार दिया है, साथ ही माफीनामा को स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा नहीं करने की कड़ी चेतावनी दी है.
युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा “किसी भी मामले से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े किसी भी व्यक्ति को उस जज से मिलने, फोन करने या मैसेज भेजने की कोशिश नहीं करनी चाहिए जो ऐसे मामले की सुनवाई कर रहा है या करने वाला है. अवमानना करने वाले व्यक्ति द्वारा फोन करने और मैसेज भेजने का कृत्य आपराधिक अवमानना की परिभाषा के अंतर्गत आता है.” हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा “अवमानना ऐसी प्रकृति की नहीं है, “जिससे न्याय की प्रक्रिया में काफी रुकावट आई हो. न्यायालय ने पहले ही अनावेदक को बिना शर्त माफीनामा जमा करने की अनुमति प्रदान कर दी थी.” बिना शर्त माफीनामा को स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने चेतावनी देते हुए कहा, “अदालत की अवमानना करने वाले विधायक ऐसी हरकत दोबारा नहीं करेंगे और भविष्य में सावधान रहेंगे.”हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा, “धारा 13 के तहत न्यायायिक अदालत की अवमानना के लिए सजा तब तक नहीं देगी, जब तक वह इस बात से संतुष्ट न हो जाएं कि अवमानना ऐसी प्रकृति की है जो न्याय की उचित प्रक्रिया में काफी हद तक बाधा डालती है, या बाधा डालने की प्रवृत्ति रखती है. अवमानना करने वाले व्यक्ति के खिलाफ जो आरोप साबित हुआ है, वह केवल हाईकोर्ट के जज से संपर्क करने की कोशिश करने का है और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की है.”
किसी मामले से जुड़े व्यक्ति को सुनवाई कर रहे जज से फोन करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए : हाईकोर्ट