दिल्ली से भी ज्यादा प्रदूषित हुई मुंबई की हवा
नई दिल्ली:दमुंबई दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में चौथे स्थान पर पहुंच गई। इस दौरान शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 165 दर्ज किया गया। इस स्तर के साथ मुंबई उस समय भारत का सबसे प्रदूषित शहर भी बन गई।
दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की राजधानी किंशासा पहले स्थान पर रही। पाकिस्तान का लाहौर दूसरे और मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर तीसरे स्थान पर रहा। मुंबई की हवा को प्रमुख प्रदूषकों में शामिल किया गया।बेहद महीन कण जो सांस के जरिए फेफड़ों में गहराई तक पहुंच सकते हैं और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। मुंबई में मानसून के बाद के महीनों में वायु प्रदूषण बढऩा आम बात है। बारिश कम होने के बाद धूल के कण लंबे समय तक वातावरण में बने रहते हैं। हवा में नमी और मौसम की परिस्थितियों में बदलाव भी प्रदूषण के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। इस साल मुंबई की हवा अक्टूबर की शुरुआत से ही खराब होने लगी थी। आमतौर पर मानसून के बाद प्रदूषण बढऩे की स्थिति को देखते हुए इस साल हवा की गुणवत्ता में जल्दी आई गिरावट को असामान्य माना जा रहा है।एक्सपर्ट्स के अनुसार, अल नीनो से जुड़ी शुष्क मौसम परिस्थितियां भी मुंबई की वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। इन परिस्थितियों के कारण मानसून की जल्दी विदाई और बारिश से मिलने वाली राहत की संभावना कम होने की आशंका जताई जा रही है। बारिश नहीं होने पर धूल और अन्य सूक्ष्म कण वातावरण में लंबे समय तक मौजूद रह सकते हैं।पर्यावरण वैज्ञानिक तुहिन बनर्जी ने कहा कि आने वाले सप्ताह में मुंबई की वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है। उनके मुताबिक, इस साल अल नीनो के कारण मध्य पूर्व से आने वाली हवाएं वातावरण में शुष्कता बढ़ा रही हैं।

