आज़ादी के समय एक ही लक्ष्य था भारत को आज़ाद और स्वतंत्र देखना
नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने में भारतीय जनसंघ के सदस्यों की भूमिका को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक सभा को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि जनसंघ ने अपने संस्थापक और नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निधन के बाद भी उनके द्वारा बताए गए ‘अखंड भारत’ के विजन को बनाए रखा।
नितिन नवीन ने कहा कि चाहे वह गोवा का मामला हो या पश्चिम बंगाल का जनसंघ ने ही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने का काम किया। यह एक ऐसा विजन था जिसे हमारे विचारक और नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने रखा था। उनके निधन के बाद भी, जनसंघ ने उनके संकल्प को आगे बढ़ाना जारी रखा। 1961 में गोवा को भारत में शामिल करने की बात हो या पश्चिम बंगाल की वह स्थिति जहाँ हिंदू-बहुल इलाकों को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में मिलाने की योजनाएँ चल रही थीं ऐसे मौकों पर भारतीय जनसंघ के सदस्य ही विरोध में खड़े हुए। नितिन नवीन ने कहा कि आज़ादी के समय लाखों लोगों ने बलिदान दिए, और उन सभी का एक ही लक्ष्य था भारत को आज़ाद और स्वतंत्र देखना। केवल आज़ादी पाना ही काफी नहीं था, बल्कि एक ऐसा लोकतंत्र स्थापित करना था जो सबका ख्याल रखे, यह सुनिश्चित करे कि विकास की पहल आखिरी व्यक्ति तक पहुँचे, हमारी सांस्कृतिक विरासत की जड़ों को मज़बूत करे, और देश को एक गौरवशाली और आत्म-सम्मान वाले राष्ट्र के रूप में उभरने में मदद करे। उन्होंने कहा कि हमारे दिग्गजों ने जो सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए हमें पूरी कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘समावेशी राष्ट्रीय विकास’ के विजऩ के साथ जुडऩे का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस विजऩ को हकीकत में बदलने के लिए, हमें प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प को अपनाना होगा, जिसका उद्देश्य हर एक व्यक्ति को देश की विकास यात्रा से जोडऩा है।

