मुंबई | 25 सितंबर 2026
IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के बाद शुरू हुआ आंदोलन अब और तेज हो गया है। छात्रों ने संस्थान प्रशासन के सामने 18 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें स्वतंत्र जांच, छात्र कल्याण व्यवस्था में सुधार और कैंपस में 24×7 मनोचिकित्सक की नियुक्ति जैसी मांगें शामिल हैं।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
छात्र संगठनों का कहना है कि केवल प्रशासनिक बदलाव पर्याप्त नहीं हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच।
नामित प्रोफेसर पर कार्रवाई को लेकर स्पष्ट निर्णय।
24×7 मानसिक स्वास्थ्य सहायता और मनोचिकित्सक की उपलब्धता।
छात्र शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करना।
स्वास्थ्य और वेलफेयर सुविधाओं में व्यापक सुधार।
छात्रों ने प्रशासन से मांगों पर लिखित जवाब और समयबद्ध कार्ययोजना देने की भी मांग की है।
प्रशासन और कैंपस में क्या बदला?
विवाद बढ़ने के बाद संस्थान ने प्रशासनिक स्तर पर कुछ कदम उठाए हैं। प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला को डीन (प्रशासनिक मामलों) के पद से हटाया गया, हालांकि वे संस्थान में प्रोफेसर बने हुए हैं। इसी बीच कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है और छात्र कल्याण व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
दूसरी ओर फैकल्टी का समर्थन
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब IIT बॉम्बे फैकल्टी फ़ोरम के कुछ सदस्यों ने प्रोफेसर डूल्ला के समर्थन में मार्च निकाला। वहीं छात्र संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे कैंपस में बहस और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
क्यों अहम है यह मामला?
यह विवाद अब केवल एक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य, परीक्षा दबाव और छात्र सहायता व्यवस्था पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
