मध्य प्रदेश के रीवा जिले में इन दिनों शादी के निमंत्रण के नाम पर साइबर ठगी का नया तरीका तेजी से फैल रहा है। साइबर अपराधी व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर “Wedding Card” या “शादी का निमंत्रण” लिखकर एक APK फाइल भेज रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड कर इंस्टॉल करता है, उसका मोबाइल साइबर ठगों के निशाने पर आ जाता है।साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह APK फाइल सामान्य फोटो या PDF कार्ड नहीं होती, बल्कि एक एंड्रॉयड एप्लिकेशन होती है, जो मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है।कैसे होती है ठगी?ठग पहले परिचित या रिश्तेदार के नाम से शादी का निमंत्रण भेजते हैं। संदेश में लिखा होता है कि “मेरी शादी का कार्ड देखिए” या “कृपया कार्ड खोलिए।”इसके बाद यदि कोई व्यक्ति APK फाइल इंस्टॉल कर देता है और आवश्यक अनुमतियां (Permissions) दे देता है, तो साइबर अपराधी मोबाइल की महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। इसके जरिए बैंकिंग ऐप, OTP, SMS और अन्य संवेदनशील जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाता है, जिससे आर्थिक नुकसान हो सकता है।रीवा में लोगों को किया जा रहा है टारगेटस्थानीय स्तर पर इस तरह के संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रहे हैं। कई लोगों ने व्हाट्सएप पर ऐसे संदिग्ध शादी के कार्ड मिलने की जानकारी साझा की है। साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही हैं।इन बातों का रखें विशेष ध्यानAPK फाइल वाले शादी के कार्ड कभी डाउनलोड न करें।केवल PDF, JPG या PNG फॉर्मेट में आए निमंत्रण ही देखें।किसी भी अज्ञात लिंक या फाइल पर क्लिक करने से पहले भेजने वाले से पुष्टि करें।मोबाइल में “Install Unknown Apps” या “Unknown Sources” को बंद रखें।बैंकिंग OTP, PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करें।यदि गलती से APK इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें?तुरंत इंटरनेट बंद करें।संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल करें।बैंक खाते का पासवर्ड बदलें।बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क कर खाते की सुरक्षा सुनिश्चित करें।राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।साइबर विशेषज्ञों की सलाहविशेषज्ञों का कहना है कि असली डिजिटल शादी के निमंत्रण आमतौर पर PDF, इमेज या वेबसाइट लिंक के रूप में भेजे जाते हैं। यदि कोई निमंत्रण .apk एक्सटेंशन में आए, तो उसे बिल्कुल इंस्टॉल न करें, क्योंकि यही साइबर ठगों का नया जाल हो सकता है।
रीवा में तेजी से वायरल हो रहा है फर्जी वेडिंग कार्ड
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में इन दिनों साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर “मेरी शादी का कार्ड देखो”, “आप सपरिवार आमंत्रित हैं” या “Wedding Invitation” जैसे संदेशों के साथ .apk फाइल भेजी जा रही है। पहली नजर में यह सामान्य डिजिटल निमंत्रण लगता है, लेकिन वास्तव में यह एंड्रॉयड एप्लिकेशन हो सकती है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह फाइल इंस्टॉल करने के बाद मोबाइल में कई तरह की अनुमतियां (Permissions) मांग सकती है। यदि उपयोगकर्ता बिना सोचे-समझे अनुमति दे देता है, तो उसके मोबाइल की संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे काम करता है यह साइबर फ्रॉड?
साइबर अपराधी पहले किसी परिचित, रिश्तेदार या स्थानीय व्यक्ति का नाम इस्तेमाल करके भरोसा पैदा करते हैं। कई मामलों में वे पहले से हैक किए गए व्हाट्सएप अकाउंट से ही संदेश भेजते हैं, जिससे सामने वाले को संदेह नहीं होता।
ठगी का तरीका आमतौर पर इस तरह होता है:
व्हाट्सएप पर शादी का निमंत्रण भेजा जाता है।
संदेश में APK फाइल डाउनलोड करने को कहा जाता है।
इंस्टॉल करते समय ऐप SMS, नोटिफिकेशन, कॉन्टैक्ट या Accessibility जैसी अनुमतियां मांग सकता है।
अनुमति मिलने के बाद साइबर अपराधी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
इसके बाद बैंकिंग ऐप, OTP या अन्य निजी जानकारी के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।
APK फाइल आखिर होती क्या है?
APK (Android Package Kit) एंड्रॉयड फोन में ऐप इंस्टॉल करने की फाइल होती है। सामान्य तौर पर सुरक्षित ऐप्स Google Play Store से डाउनलोड किए जाते हैं। लेकिन यदि कोई APK फाइल सीधे व्हाट्सएप या किसी लिंक से भेजी जाए, तो उसे इंस्टॉल करने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि असली शादी के डिजिटल कार्ड आमतौर पर PDF, JPG, PNG या वेब लिंक के रूप में भेजे जाते हैं। यदि निमंत्रण .apk फॉर्मेट में आए, तो उसे इंस्टॉल नहीं करना चाहिए।
रीवा में लोगों को किया जा रहा है जागरूक
रीवा में बड़ी संख्या में लोगों के मोबाइल पर ऐसे संदिग्ध संदेश पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग एक-दूसरे को इस तरह के फर्जी वेडिंग कार्ड से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। साइबर अपराधियों का मकसद लोगों की जल्दबाजी और भरोसे का फायदा उठाना है।
किन संकेतों से पहचानें फर्जी शादी का कार्ड?
यदि आपको ऐसा संदेश मिले जिसमें—
.apk फाइल अटैच हो,
जल्द खोलने का दबाव बनाया जाए,
भेजने वाले की भाषा सामान्य से अलग लगे,
अनजान नंबर से निमंत्रण आए,
तो उसे संदिग्ध मानकर पहले पुष्टि करें।
ऐसे करें खुद को सुरक्षित
APK फाइल कभी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
केवल PDF या इमेज फॉर्मेट वाले निमंत्रण ही खोलें।
Google Play Store के बाहर से ऐप इंस्टॉल करने से बचें।
मोबाइल की “Install Unknown Apps” सेटिंग बंद रखें।
किसी भी ऐप को बिना जरूरत SMS, Accessibility या Notification की अनुमति न दें।
बैंकिंग OTP, UPI PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
मोबाइल में नियमित रूप से सुरक्षा अपडेट इंस्टॉल करें।
यदि गलती से APK इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें?
यदि आपने गलती से ऐसी फाइल इंस्टॉल कर ली है, तो तुरंत ये कदम उठाएं—
मोबाइल का इंटरनेट बंद करें।
संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल करें।
बैंकिंग ऐप का पासवर्ड बदलें।
बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क कर खाते की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
साइबर विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। पहले KYC अपडेट, बिजली बिल और पार्सल के नाम पर धोखाधड़ी होती थी, जबकि अब शादी के निमंत्रण जैसे भावनात्मक संदेशों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसलिए किसी भी फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी पुष्टि करना और उसकी फाइल टाइप देखना बेहद जरूरी है।

