नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं पर एक “स्मार्ट सीमा” सुरक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले वर्षों में सीमा सुरक्षा बल की भूमिका अधिक एकीकृत और प्रौद्योगिकी-आधारित होगी.
सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश अब केवल “नियमित सीमा सुरक्षा” पर निर्भर नहीं रह सकता है और उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए बीएसएफ, राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच गहन समन्वय का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में सीमा सुरक्षा बल की भूमिका अधिक एकीकृत और प्रौद्योगिकी-आधारित होगी. शाह ने कहा, “बीएसएफ राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन, ब्लॉक विकास अधिकारियों, ग्राम प्रधानों आदि सहित सभी स्तरों के अधिकारियों और लोगों से मिलना और बातचीत करनी चाहिए ताकि उभरते सुरक्षा खतरों, विशेष रूप से घुसपैठ से निपटा जा सके. गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों के सामने मौजूद चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली भारतीय मुद्रा, संगठित अपराध, ड्रोन आधारित हथियार आपूर्ति और साइबर खतरे पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों की सीमाओं पर प्रमुख चिंता का विषय बन गए हैं. उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य न केवल सीमा सुरक्षा को भंग करना है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय संतुलन को भी कमजोर करना है.शाह ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित है और अवैध घुसपैठ के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय और जनसंख्या संरचना में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं होने देगी. उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष तक लगभग 6,000 किलोमीटर के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों को ड्रोन, रडार और उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों से लैस एक उन्नत स्मार्ट सीमा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा.
मजबूत सीमा प्रणाली का निर्माण करना होगा
शाह ने कहा “हमें भविष्य के खतरों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत सीमा प्रणाली का निर्माण करना होगा.”हाल के वर्षों में देश के रक्षा सिद्धांत में मौलिक परिवर्तन आया है. उन्होंने कहा कि बड़े आतंकी हमलों के बाद बातचीत जारी रखने का दौर अब समाप्त हो गया है. शाह ने कहा”हवाई हमले, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे भारत के लगातार अभियानों ने साबित कर दिया है कि किसी भी बड़ी आतंकी घटना के बाद हम बातचीत का इंतजार नहीं करते.”गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही बीएसएफ और अन्य सीएपीएफ कर्मियों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा कल्याणकारी पैकेज घोषित करेगी.
सीमाओं पर स्मार्ट सीमा सुरक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में काम कर रही सरकार, गृह मंत्री ने कहा ‘काम शुरू हो चुका है’