नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौर ऊर्जा, बायोमास और बायोगैस जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर विशेष बल दिया। आयातित ईंधनों पर निर्भरता कम करने के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से आग्रह किया कि वे देश को वैश्विक भू-राजनीतिक झटकों से बचाने में सक्षम टिकाऊ और स्वदेशी ऊर्जा समाधानों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दें।
प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के अपने सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को भी दोहराया। उन्होंने कैबिनेट सहयोगियों को निर्देश दिया कि वे विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिशन मोड में काम करना जारी रखें, साथ ही यह सुनिश्चित करें कि शासन आधुनिक अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों के अनुरूप बना रहे। उच्च स्तरीय बैठक में हुई चर्चा मुख्य रूप से जीवन की सुगमता और व्यापार करने की सुगमता में सुधार लाने पर केंद्रित रही, जो सरकार के शासन एजेंडा के केंद्र में बने हुए हैं। प्रधानमंत्री ने विकास की गति को और अधिक मजबूत करने के लिए सभी क्षेत्रों में त्वरित सुधारों का आह्वान किया। नरेंद्र मोदी नेकहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक में हमने जीवन की सुगमता और व्यापार करने की सुगमता को बढ़ावा देने और विकसित भारत के हमारे साझा सपने को साकार करने के लिए आगे सुधार करने के संबंध में दृष्टिकोण और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया। पेट्रोलियम और वित्त सहित प्रमुख मंत्रालयों ने बैठक के दौरान विस्तृत प्रस्तुतियाँ और क्षेत्रीय रोडमैप प्रस्तुत किए। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के मद्देनजर घरेलू खाना पकाने के लिए एलपीजी के व्यवहार्य विकल्प के रूप में बायोगैस को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
शासन आधुनिक अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों के अनुरूप बना रहे :मोदी