चेन्नई:तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने आसानी से बहुमत साबित कर दिया। टीवीके को कुल 144 विधायकों का साथ मिला जो बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक हैं। टीवीके के विश्वासमत टेस्ट के दौरान ही एआईएडीएमके की टूट भी सामने आ गई। फ्लोर टेस्ट के दौरान ही एआईडीएमके दो धड़ों में बंट गई एक गुट एडाप्पी के. पलानीस्वामी के साथ है और दूसरा एसपी वेलुमणि के साथ है। एआईडीएमके के 25 विधायकों ने जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके को अपना समर्थन दिया।
जोसेफ विजय के पक्ष में वोट करने के बाद ईपीएस ने बागी विधायकों पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। ईपीएस ने सीवी शनमुगम और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों को पदों से हटा दिया है। साथ ही टीवीके के पक्ष में वोट देने वाले सभी 25 विधायकों को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित करने के लिए स्पीकर के पास याचिका भी दाखिल कर दी है। एआईएडीएमके ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कुल 47 सीटों पर जीत हासिल की थी। 25 विधायकों वाले गुट के नेता सीवी शनमुगम के साथ हैं, जबकि 22 विधायकों का नेतृत्व ईपीएस कर रहे हैं। चार मई को रिजल्ट आने के बाद खबर आने लगी कि एआईएडीएमके के महासचिव ईपीएस डीएमके के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसे लेकर पार्टी नेता एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. शनमुगम ने इसका विरोध किया और जोर देकर कहा कि डीएमके को समर्थन देना सही नहीं, लोगों ने टीवीके का साथ दिया है, ऐसे में हम टीवीके को समर्थन देंगे।
दो धड़ों में बंटी एआईएडीएमके, एक धड़ ने 25 विधायकों के साथ टीवीके को दिया समर्थन