पोखरण परीक्षण ने दुनिया को भारत की वैज्ञानिक ताकत दिखाई
पोखरण में ऑपरेशन शक्ति के बाद दुनिया हम पर टूट पड़ी थी
वडोदरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पोखरण परीक्षण ने दुनिया को भारत की वैज्ञानिक ताकत दिखाई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद भारत पीछे नहीं हटा और पोखरण परीक्षण ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था। पीएम ने अपने संबोधन में कहा 1998 में भारत ने अपने पहले तीन परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत जो परमाणु परीक्षण करें।प्रधानमंत्री ने कहा “दुनियाभर की शक्तियां भारत को दबोचने के लिए मैदान में उतरी। अनेक प्रकार के बंधन लग गए। आर्थिक संभावनाओं के सारे रास्ते बंद कर दिए गए। 11 मई के बाद दुनिया हम पर टूट पड़ी थी। लेकिन 13 मई को फिर दो और परमाणु परीक्षण हुए थे। उससे दुनिया को पता चला था कि भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति कितनी अटल है। उस समय पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था। लेकिन अटल जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने दिखाया था कि हमारे लिए राष्ट्र प्रथम है। दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती, दबाव में नहीं ला सकती। “प्रधानमंत्री कहा कि देश में कुछ ताकतें अब भी राष्ट्रीय आत्मसम्मान के बजाय तुष्टीकरण की राजनीति को प्राथमिकता दे रही हैं और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के विरोध के दौरान भी इसी तरह की सोच दिखाई दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल और भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के अनेक प्रयास किए थे। लेकिन उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से विरोध का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती या दबाव के आगे झुकने को मजबूर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा “हमारे देश में राष्ट्रीय आत्मसम्मान से जुड़े मुद्दों पर राजनीति होती रही और सोमनाथ मंदिर इसका प्रमुख उदाहरण है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रहीं ताकतें आज भी देश में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा “हमने राम मंदिर के निर्माण के दौरान भी यही चीज देखी थी कि किस तरह इसका विरोध किया गया। हमें ऐसी मानसिकता के खिलाफ सतर्क रहना चाहिए और इस तरह की संकीर्ण राजनीति को पीछे छोड़ देना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने कहा “हमें विरासत और धरोहर दोनों को साथ लेकर आगे बढऩा होगा। हमारे सांस्कृतिक केंद्रों की अनदेखी ने दरअसल हमारी प्रगति को बाधित ही किया है।
पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें
पीएम ने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। सोने के आयात पर भी देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है। जब तक हालात सामान्य न हों हम सोने की खरीद टालें। गोल्ड की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल के आयात पर भी देश की बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। अगर लोग खाने के तेल का कम उपयोग करें तो इससे देश और शहर दोनों को फायदा होगा।”