क्रूज हादसे के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे : डॉ. यादव

क्रूज हादसे के पीडि़तों का दर्द बांटने पहुंचे सीएम
बेटी के सिर पर हाथ रख रो पड़े मुख्यमंत्री
बरगी डैम हादसे की जांच के दिए निर्देश
नागरिकों की जान बचाने वाले प्रत्येक श्रमिक को दिए जाएंगे 51-51 हजार रूपए
बचाव दल के सभी बहादुरों को सरकार करेगी सम्मानित
जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बरगी क्रूज हादसे में पीडि़त परिवारों से मिलने जबलपुर पहुंचे। माहौल इतना गमगीन था कि मध्यप्रदेश के मुखिया भी भावुक हो गए। सीएम ने कहीं बच्चों को गले लगाया तो कहीं बेटी के सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है। कोई भी परिवार खुद को अकेला न समझे। मुख्यमंत्रीने कहा कि इस हादसे के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। उच्च स्तरीय समिति इसकी जांच करेगी। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए एसओपी बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री कोतवाली से दरहाई मार्ग पहुंचे। उन्हें देखकर मृत नीतू सोनी की बेटी अपने आंसू नहीं रोक सकी। ये देख प्रदेश के मुखिया ने उसके सिर पर हाथ रखा और ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवारजनों को सांत्वना दी। इस बीच उन्होंने दो छोटे बच्चों को भी गले लगाकर दुख बांटा। इसके बाद सीएम रियाज हुसैन के घर पहुंचे। रियाज क्रूज हादसे में बाल-बाल बच गए थे। डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मां नर्मदा के स्थान पर दुखद हादसा हुआ है। इस हादसे में 9 लोगों के शव मिले हैं। 28 लोगों को बचाया जा चुका है। इस घटना से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। घटना वाले स्थल के पास ही जल जीवन मिशन का काम चल रहा था। इसलिए इस काम में लगी हुई टीम भी लोगों की मदद करने पहुंची। डॉ. यादव ने कहा कि आर्मी के भी कुशल गोताखोरों ने भी राहत-बचाव का काम किया। दुर्घटना में रियाज हुसैन तो चार-पांच घंटे क्रूज में फंसे रहे। इस दुर्घटना में आसपास के जिन लोगों ने दूसरों की जान बचाई उन्हें मैं 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा करता हूं। हमारी सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को मौसम विभाग द्वारा समय-समय दी जाने वाली सूचनाओं और चेतावनियों को पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियां हमें सचेत करती हैं और ऐसी दुर्घटनाओं से बचाती हैं।
एडवेंचर टूरिज्म के लिए बनेगी एसओपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति बना रहे हैं। समिति में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक, सचिव मध्यप्रदेश शासन, जबलपुर संभाग के आयुक्त होंगे। यह समिति तीन बिंदुओं पर जांच करेगी। इन बिंदुओं में पहला बिंदु दुर्घटना के कारणों की शुरुआत से जांच करना, दूसरा बिंदु परिस्थितियों को प्रतिपादित करना, तीसरा बिंदु दुर्घटना के वक्त प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं हुआ, शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नौका पर्यटन, क्रूज पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स सहित सभी तरह की गतिविधियों के लिए एसओपी तैयार करेंगे। ताकि, भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हम सभी को मौसम विभाग की सूचनाओं को गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए।
बरगी क्रूज़ हादसे पर प्रधानमंत्री ने व्यक्त की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बरगी में नर्मदा नदी पर क्रूज़ पलटने की दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से राहत राशि की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी।
क्रूज पायलट, हेल्पर, टिकट काउंटर प्रभारी की सेवाएं समाप्त
बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे पर राज्?य सरकार ने सख्?ती दिखाई है। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि जबलपुर में बरगी जलाशय में हुए दुखद क्रूज हादसे में लापरवाही के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं। होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित की गई है।
किसानों के हित में लिया महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट को गति देने के लिए किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने जमीन देने वाले भू-स्वामियों को मिलने वाली विकसित जमीन का हिस्सा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले से किसानों का भरोसा बढ़ा है और वे प्रोजेक्ट में स्वेच्छा से जुड़ रहे हैं। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली प्रमुख परियोजना है। परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती भू-स्वामियों से सहमति के साथ जमीन प्राप्त करना थी, क्योंकि शहर के समीप होने के कारण भूमि का बाजार मूल्य अधिक है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को समझते हुए किसानों के हित में बेहतर निर्णय लिया। परियोजना के प्रथम चरण का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री द्वारा 3 मई को किया जाएगा।
प्रदेश में गेहूँ उपार्जन का लगातार बढ़ रहा आंकड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। किसान भाइयों ने बड़ी संख्या में स्लॉट बुक किए हैं। अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ उपार्जन के लिए स्टॉल बुक हो चुके है। यह एक सकारात्मक संदेश है। स्टॉल बुकिंग का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के किसानों से गेहूँ उपार्जन करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केन्द्रों पर सभी संभव व्यवस्थाएं की गई हैं। गेहूँ उपार्जन प्रक्रिया में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए आकस्मिक निरीक्षण लगातार चलता रहेगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सभी मंत्री, विधायक और संबंधित अधिकारियों को उपार्जन प्रक्रिया में पूरी सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निर्देशित किया गया है।

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