मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की मुलाकातसरकार विकास कार्यों को और गति देने के लिए प्रयासरत :डॉ. यादव

किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात में उन्होंने किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जा रहे इस वर्ष में किसानों के पक्ष में किए जा रहे प्रयासों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत मध्य प्रदेश में हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी. इसके अलावा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों के साथ मध्य प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्र की उपलब्धियों से भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया.
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में कई पहलें की जा रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने कहा “प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के बताए मार्ग के अनुसार चारों श्रेणियों, किसान-महिला-गरीब और युवाओं के लिए काम कर रही है. हम किसान कल्याण वर्ष को बहुत अच्छे से मना रहे हैं. करीब 16 विभागों, पशुपालन, मछली पालन, बागवानी, कृषि जैसे सभी विभागों को जोडक़र अच्छा काम कर रहे हैं. मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री ने हमारे काम को आगे बढऩे के लिए आशीर्वाद दिया है, और इसके नतीजे भी भविष्य में अच्छे होंगे.” डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के सांसदों से भी मुलाकात की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के हित में विकास कार्यों को और गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
प्रत्येक विधानसभा में आयोजित होंगे कृषि सम्मेलन
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में विभिन्न विभाग मिलकर कृषि विकास और कृषक कल्याण योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करेंगे। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी उपायों पर क्रियान्वयन तेज किया जाएगा। कृषक कल्याण वर्ष का लाभ किसानों के परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश, देश का इकलौता राज्य है, जो 5 रुपए में किसानों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवा रहा है। ये किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री कृषक कल्याण वर्ष में सक्रिय सहभागिता जुटाने के उद्देश्य से आयोजित किए गए कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्हें साकार करने के प्रयास सफल हो रहे हैं। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और क्षेत्र में नरवई प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ट्रैक्टर-ट्रॉली और भूसे की मशीन उपलब्ध करवा रही है। राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण के लिए माता यशोदा योजना शुरू करने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खुलेंगी, जिनसे लघु कृषकों को खेती के लिए किराये पर यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। विधायक अपने क्षेत्र में 4 से 5 कृषि सम्मेलन करें, इसके लिए कृषि विभाग ने प्रति विधानसभा क्षेत्र 5 लाख रुपए आवंटित करने का निर्णय किया है। इन प्रयासों से कृषि कल्याण के लिए सकारात्मक वातावरण बनेगा। किसान सौर बिजली उत्पादन की सभी योजनाओं का लाभ उठाएं। लघु-कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए भी कार्य करें।
मध्यप्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा :प्रदेश प्रभारी
प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश अब हजार और लाख में नहीं, मिलियन, बिलियन और ट्रिलियन में बात करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश क्षेत्रफल के हिसाब से कृषि में चौथे स्थान पर है। इसके बावजूद मध्यप्रदेश कई खाद्यान्नों के उत्पादन में देश में, पहले और दूसरे स्थान पर हैं। मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर भी रहते हुए देश के खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के किसानों को सस्ती दरों पर बिजली और सिंचाई के लिए पम्प उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

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