भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास तभी सार्थक है, जब इसके प्रकाश का पूरा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी के भी अनर्गल प्रलाप से कतई प्रभावित न हों। इन परियोजनाओं के निर्माण में हमारी सरकार किसी भी व्यक्ति या किसान को घर से बेघर नहीं होने देगी। हम सबके हितों का बराबर ध्यान रखेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि नेपानगर पेपर मिल इस क्षेत्र की पहचान है। यह मिल हमेशा की तरह चलती रहेगी। इस चलाए रखने के लिए हम सभी व्यवस्थाएं और समुचित प्रबंधन करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस मिल के कागज भी खरीदेगी और श्रमिक को उसके रोजगार से जोड़े रखेगी। मुख्यमंत्री बुरहानपुर जिले के जनजातीय बहुल नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपानगर अद्भुत नगरी है। यह कृषि और उद्योग का बेजोड़ संगम है। बुरहानपुर जिला मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उदाहरण है। हम बुरहानपुर के एग्री एक्सपोर्ट और प्रोसेसिंग का हब बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय वर्ग का समग्र विकास हमेशा से ही हमारी पहली प्राथमिकता रही है। जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिए नए वित्त वर्ष 2026-27 के सालाना बजट में 26 प्रतिशत की वृद्धि कर 47 हजार 428 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा है, जिससे जनजातीय वर्ग के चहुंमुखी विकास और कल्याण में कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय पीएम जन-मन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्य प्रदेश में जनजातीय कल्याण का नया अध्याय लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास के पन्नों में नेपानगर दक्षिण के द्वार के रूप में अंकित है। कभी खानदेश और दक्षिण की काशी के रूप में पहचाने जाने वाले नेपानगर को हमारी सरकार महाराष्ट्र के छोर पर मध्यप्रदेश के विकास के प्रमुख द्वार के रूप में विकसित करेगी। डॉ. यादव ने नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को शासकीय मंजूरी मिलने की जानकारी देते हुए कहा कि ये सिंचाई परियोजनाएं इस क्षेत्र के 34 हजार 400 किसान परिवारों की तकदीर और तस्वीर बदल देंगी। डॉ. यादव ने कहा कि बीते एक माह के दौरान ही दो कार्यक्रमों में बुरहानपुर जिले को करीब 1100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगातें मिली हैं। डॉ. यादव ने बुरहानपुर के शासकीय महाविद्यालय में कृषि संकाय की पढ़ाई प्रारंभ कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपानगर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की स्मृति में एक आकर्षक उद्यान बनाया जाएगा। धूलकोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रोन्नत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की पहचान असीरगढ़ के किले को भव्य पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश के वनवासियों को दिए गए वन अधिकार पट्टों को अब राजस्व विभाग के माध्यम से संपत्ति की रजिस्ट्री के रूप में बदला जाएगा, इसकी रजिस्ट्री शुल्क का खर्चा राज्य सरकार उठाएगी। क्षेत्रीय जनजातीय बन्धुओं को वनाधिकार पट्टों का लाभ देने के लिए जल्द ही पुन: सर्वे कराया जाएगा। डॉ. यादव ने कृषि, बागवानी और मसाला उत्पादन के लिए मशहूर निमाड़ क्षेत्र में सभी प्रकार की फसलों का बीमा कराने और इस क्षेत्र में शीघ्र ही रीजनल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की बात कही।
मुख्यमंत्री नेपानगर में जनजातीय सम्मेलन में हुए शामिल