अगले दो वर्षों में राजमार्गों की स्थिति बेहतर हो जाएगी
नई दिल्ली।: केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने को लेकर हुआ विरोध पैसे देकर चलाया गया अभियान था। उद्योग संगठन सीआआइ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि भारत जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करके अपनी कीमती विदेशी मुद्रा बचा सकता है। उन्होंने कहा ‘तीन महीने पहले ई20 ईंधन के खिलाफ काफी हंगामा किया गया था अब ई20 ईंधन के खिलाफ सारा विरोध खत्म हो गया है। यह एक ‘पेड कैंपेन’ था।’
गडकरी ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ राजमार्गों की खराब हालत को लेकर आई शिकायतों पर ध्यान देते हुए उन्होंने हाल ही में 700-800 परियोजनाओं की समीक्षा की है। उन्होंने कहा ‘मैं राजमार्गों की गुणवत्ता के मामले में कोई समझौता नहीं करने वाला हूं।’ गडकरी ने भरोसा दिलाया कि अगले दो वर्षों में, राजमार्गों का इस्तेमाल करने वालों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। गडकरी ने कहा कि अगले दो महीने में हाईवे परियोजना शुरू होने के बाद दिल्ली से हरिद्वार का सफर 90 मिनट में पूरा हो सकेगा। चारधाम परियोजना का 80-85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले यातायात में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। बेहतर सडक़ें धार्मिक पर्यटन बढ़ा रही हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं। बुनियादी ढांचे पर खर्च अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है। सरकार के मुताबिक, हर 100 रुपए के निवेश का अर्थव्यवस्था पर 325 रुपए के बराबर असर होता है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 2014 में 91,287 किलोमीटर थी, जो 2026 में बढक़र 1.46 लाख किलोमीटर हो गई है।

