जनता परिवारवाद की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावों में लगातार मिल रही हार के बाद आत्ममंथन करने की जगह देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान ने इंडिया गठबंधन के लोकतंत्र बचाओ मार्च के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्षी दलों का यह मार्च लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि परिवारवाद की राजनीति को बचाने के लिए होगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता परिवारवाद की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लगातार चुनावी हार के बाद लोगों को यह उम्मीद थी कि कांग्रेस अपनी गलतियों पर विचार करेगी और जनता से माफी मांगेगी, लेकिन कांग्रेस अपने पुराने तरीके से बाज नहीं आ रही और कांग्रेस का पुराना तरीका है अपनी राजनीतिक गलतियों के लिए माफी मांगने के बजाय भ्रम फैलाना, आज भी चुनावी प्रक्रिया तथा संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रही है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन की बैठक शुरू होने से पहले ही उसके भीतर मतभेद सामने आ गए थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, डीएमके और आम आदमी पार्टी का इस मीटिंग से गायब होने का भी जिक्र किया। उद्धव ठाकरे भी इस बैठक में वर्चुअली रूप से शामिल हुए। चौहान ने गठबंधन की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा “एक दिल के हजार टुकड़े हो गए—कोई यहां गिरा, कोई वहां गिरा।”
