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प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय भेंट, प्रदेश में रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी


ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संबंध में भी प्रधानमंत्री श्री मोदी को अवगत कराया। डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री श्री मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।
ग्रामीणों को नल से स्वच्छ उपलब्ध कराने सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील से भेंट कर मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। डॉ. यादव ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को गति देने के लिए केन्द्र सरकार से आवश्यक सहयोग और लंबित विषयों के शीघ्र निराकरण का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने बैठक में जल जीवन मिशन के लिए केन्द्रांश जारी करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं के लिए केन्द्रांश की राशि की प्रतिपूर्ति के लिये पोर्टल पर विकल्प प्रारंभ करने का विषय भी रखा। डॉ. यादव ने जल जीवन मिशन-2.0 के अंतर्गत मध्यप्रदेश के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में आवंटित राशि में वृद्धि किए जाने का अनुरोध किया, जिससे प्रदेश में पेयजल योजनाओं के कार्यों को अपेक्षित गति से आगे बढ़ाया जा सके। डॉ. यादव ने कहा कि तकनीकी व्यवस्था को सुचारु बनाने से योजनाओं की निगरानी और प्रगति के प्रभावी आकलन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मध्यप्रदेश के हित में इन विषयों पर आवश्यक सहयोग प्रदान करने का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण परिवारों को नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है।
भोपाल में आदर्श गौ शाला स्थापित करने के कार्य को शीघ्र पूर्ण करें
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं पर चर्चा की। इन विभागों में नगरीय विकास एवं आवास, खनिज, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी शामिल हैं। डॉ. यादव ने बैठक में विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और कार्यों की जानकारी प्राप्त की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा प्रदेश के नगरों के साथ ही राजधानी भोपाल के विकास में नए आयाम जोड़े जाएं। ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में बड़ी आदर्श गौशालाओं के संचालन में सफलता मिली है। इसी तरह भोपाल में इस मॉडल पर आदर्श गौ-शाला स्थापित करने के कार्य को गति प्रदान करते हुए अच्छे परिणाम प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली को आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों से भी चर्चा की जाए। नई टाउनशिप विकसित होने से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। खनिज विभाग के अधिकारियों ने सिंगरौली जिले में माइनिंग सेक्टर की नई संभावनाओं और भविष्य में जिले के समग्र विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि निजी क्षेत्र में भी आईटी पार्क स्थापना को प्रोत्साहित किया जाए। जबलपुर के उद्यमी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कार्य के इच्छुक हैं। इस नाते उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाए। इसके अलावा टेक्नीकल यूनिवर्सिटी को एक महत्वपूर्ण कौशल विकास केंद्र की पहचान देने के प्रयास किए जाएं।
किसान कल्याण हमारा प्राथमिक संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों का समग्र कल्याण ही हमारा प्राथमिक संकल्प है। हमारी सरकार इसके लिए सभी प्रबंध कर रही है। डॉ. यादव ने बताया कि भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत सोयाबीन के उपार्जन के लिए 3 अक्टूबर से ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों के पंजीयन प्रारंभ हो रहे हैं। यह किसान पंजीयन 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा। डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को अपना पंजीयन कराने के लिए सभी ग्राम पंचायत, तहसील एवं सहकारी समितियों में नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से उपार्जन के लिए अपना पंजीयन अवश्य करा लेने का आग्रह किया है।

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