विदेश से आने वाले धन का इस्तेमाल धार्मिक मतांतरण को बढ़ावा देने के लिए न हो
नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाला छोटा समूह भारत की पूरी युवा पीढ़ी यानी जेन जी का प्रतिनिधित्व नहीं करता। विहिप के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ कथित अभद्र भाषा, सुरक्षाकर्मियों से मारपीट और अश्लील हरकतों को भारत के युवाओं की पहचान नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और राष्ट्र सेवा से भी जुड़ी हुई है।
जैन ने कहा कि भारत में जेन जी का दायरा जंतर-मंतर पर मौजूद युवाओं से कहीं बड़ा है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में मदद करेगी और युवा पीढ़ी को देश के विकास से जोडऩे में भूमिका निभाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश से आने वाले धन का इस्तेमाल धार्मिक मतांतरण और देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को दलगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित में कड़े कानून बनाने का समर्थन करना चाहिए। जैन ने कहा कि विदेश से आने वाले धन का इस्तेमाल देश के हितों को नुकसान पहुंचाने, आतंकी गतिविधियों या धार्मिक मतांतरण को बढ़ावा देने के लिए नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, कुछ लोग विदेश जाकर डेबिट कार्ड लेकर भारत लौटे और ऐसे एक हजार से अधिक कार्ड के जरिए कुछ महीनों में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी की गई। जैन ने कहा कि इन लोगों को लगा कि इस तरीके से एफसीआरए के नियमों से बचा जा सकता है लेकिन केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस मामले में केस दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और एफसीआरए कानून को और कड़ा किया जाना चाहिए।

