
नई दिल्ली: क्या भारत में 5-year integrated LL.B. programme का मौजूदा ढांचा बदलने वाला है? Legal Education में बड़े सुधार की मांग अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से देश में कानूनी शिक्षा की समीक्षा के लिए एक Expert Body / National Legal Education Commission गठित करने पर विचार करने को कहा है।
यह मामला अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की PIL से जुड़ा है। याचिका में Legal Education के curriculum, syllabus और law degree की अवधि की समीक्षा की मांग की गई है। इसमें मौजूदा 5-year integrated LL.B. programme की अवधि पर भी पुनर्विचार का मुद्दा उठाया गया है।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि पांच वर्षीय पाठ्यक्रम छात्रों पर समय और आर्थिक बोझ बढ़ाता है और Legal Education को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप अपडेट करने की आवश्यकता है।
प्रस्तावित Expert Body में retired judges, jurists, eminent educationists और senior advocates को शामिल करने की बात कही गई है।
8 सितंबर 2026 को CJI सूर्यकान्त की अध्यक्षता वाली पीठ ने Legal Education के लिए Expert Body के विचार को महत्वपूर्ण बताया और केंद्र से इस पर विचार करने को कहा।
क्या 5-Year LL.B. खत्म हो रही है?
अभी नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने 5-year LL.B. को खत्म करके 4-year करने का कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है। National Legal Education Commission का गठन भी अभी नहीं हुआ है।
आगे Legal Education के curriculum, syllabus और courses की अवधि में संभावित बदलाव पर निर्णय संबंधित संस्थाओं और सरकार के स्तर पर होगा।
मामला फिलहाल समीक्षा और विचार के चरण में है।
