ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निभा चुके हैं अहम भूमिका
लखनऊ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी से हुई बदनामी के बाद श्री राम जन्मभूमितीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के व्यवस्थित और प्रभावी संचालन के लिए पहला सीईओ रिटायर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को बना दिया है। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे अभी रिटायर हो चुके हैं। इस नियुक्ति से पहले राम मंदिर ट्रस्ट का विस्तार करते हुए तीन नए चेहरों को बतौर ट्रस्टी शामिल किया गया। इनमें महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव का नाम शामिल है।
बताया जा रहा कि 39 साल तक उन्होंने एयरफोर्स में अपना सेवाएं दी हैं। वे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड के चीफ भी रहे हैं। हाल ही में वे 30 अप्रैल 2026 को एयरफोर्स से रिटायर हुए हैं। जितेंद्र मिश्रा को सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल का पुरस्कार मिला है। जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र स्थित भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। ग्रुप कैप्टन जितेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में पायलट के तौर पर शामिल हुए थे, वह एक फाइटर कॉम्बैट लीडर, टेस्ट पायलट और अमेरिका की एयर यूनिवर्सिटी के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के पूर्व छात्र भी रहे हैं। उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल में सीनियर टेस्ट फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर, मिग-21 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चीफ टेस्ट पायलट, एयरक्राफ्ट अपग्रेड के लिए डायरेक्टर जैसे पदों पर काम किया है। बेहतरीन सेवा के लिए, उन्हें राष्ट्रपति की ओर से ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित भी किया गया है।
रामभक्तों की सेवा मेरा सौभाग्य :जितेंद्र मिश्रा
जितेंद्र मिश्रा ने कहा ‘इतने सारे योग्य उम्मीदवारों में से मुझे इस पद के लिए चुना गया, यह मेरे लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। मैं इसे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद मानता हूं। भारतीय वायुसेना में 43 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद अब मुझे श्रीराम मंदिर और रामभक्तों की सेवा करने का यह पवित्र अवसर मिला है।
