सफलता से उत्साहित हों लेकिन अपने भीतर अहंकार नहीं आने दें
प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को मिली 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
शिक्षक मूर्तिकार की तरह विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को तराशते हैं
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थी की वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंक अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उसके संस्कार, विनम्रता, अनुशासन और व्यक्तित्व में निहित होती है। विद्यार्थी सफलता से उत्साहित हों, लेकिन अपने भीतर अहंकार नहीं आने दें। असफलता से निराश होने के बजाय उसके कारणों को समझें और उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाएँ। मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही कभी हारता और कभी जीतता है। जीतने का सपना देखने और चुनौतियों का सामना करने का साहस रखने वाला ही सच्चा खिलाड़ी कहलाता है। संघर्षों से बचने वाले जीवन में कभी सफल नहीं होते। जीवन में कठिनाइयों और चुनौतियों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सफलता संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प से प्राप्त होती है। परमात्मा ने प्रत्येक व्यक्ति को सीमित और मूल्यवान समय दिया है। विद्यार्थी इसका सदुपयोग करते हुए पूरी ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। आज किया गया परिश्रम ही कल की बड़ी सफलता का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के राशि अंतरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और भविष्य की नई संभावनाओं का प्रवेश-द्वार है। विद्यार्थी इसका उपयोग ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लाइब्रेरी, शोध तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करें। तकनीक के माध्यम से अपने ज्ञान का विस्तार करते हुए विद्यार्थी अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा अवश्य होती है। जिस प्रकार मूर्तिकार पत्थर के भीतर छिपी मूर्ति को पहचानकर अनावश्यक हिस्सों को हटाता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उनके व्यक्तित्व को तराशते हैं। विद्यार्थियों की सफलता में उनके माता-पिता और शिक्षकों के त्याग, परिश्रम एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी निरंतर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहे हैं। मेरिट सूची में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी शिक्षकों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बने। प्रदेश का प्रत्येक बच्चा अपनी योग्यता के आधार पर डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, वैज्ञानिक, अधिकारी, उद्यमी अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़े।
शिक्षा के लिए बजट में व्यापक प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36 हजार 730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 4 हजार 247 करोड़ रुपये तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए 2 हजार 932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. यादव ने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं आने पर विद्यार्थियों का पूरा वर्ष प्रभावित हो जाता था। विद्यार्थियों के हित में अब कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में द्वितीय मुख्य परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराया गया है। इससे विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं और असफल होने पर भी बिना वर्ष गँवाए पुन: प्रयास कर सकते हैं। यह व्यवस्था विद्यार्थियों को निराशा से बचाकर आगे बढऩे का नया अवसर प्रदान करती है।
शिक्षा और विद्यार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में प्रदेश में शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। वर्तमान राज्य सरकार ने विद्यालयी शिक्षा से लेकर उच्च, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा तक अधोसंरचना, बजट तथा संस्थानों का व्यापक विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का मान-सम्मान निरंतर बढ़ रहा है। देश की युवा शक्ति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सशक्त नेतृत्व ने भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार को युवा भविष्य के निर्माण का आधार बनाकर कार्य कर रही है।
देश युवाओं को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश युवाओं को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी इस विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर साथ चल रही है। विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और कौशल ही सफलता के दो मित्र हैं। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिलाने वाले शासकीय स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों और विद्वानों को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सम्मानित किया है। जीवन में आगे बढऩे के लिए हमें अपने मन में संकल्प और दृढ़ निश्चय की आवश्यकता है। डॉ. यादव ने कहा कि बड़े लक्ष्य तय करें और उन्हें हासिल करने के लिए परिश्रम करें।
प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया है। इसमें स्कूल शिक्षा पर 36 हजार 730 करोड़, चिकित्सा शिक्षा पर 24 हजार करोड़, उच्च शिक्षा पर 4200 करोड़, तकनीकी शिक्षा पर 2932 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सभी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का अभियान निरंतर जारी है। अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देकर राज्य सरकार अपने उत्तरदायित्वों को पूरा कर रही है। अगर पदोन्नति नहीं मिले तो जीवन में निराशा आ जाती है। हमारी सरकार ने सालों से लंबित पदोन्नतियों का मार्ग प्रशस्त किया है। पदोन्नति से सभी विभागों के कर्मचारियों में प्रसन्नता, उत्साह और सकारात्मकता का वातावरण बना है।
