शरिया कानून को प्राथमिकता देने की बात पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हिजाब पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाने के लिए असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला किया, यह सवाल उठाते हुए कि ओवैसी खुद को क्या समझते हैं। सिंह ने जोर दिया कि भारत में रहने वाले सभी नागरिकों को संविधान का सख्ती से पालन करना होगा, और शरिया कानून को प्राथमिकता देने की बात पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। यह राजनीतिक बयानबाज़ी हिजाब विवाद और भारत में संवैधानिक सर्वोच्चता पर चल रही बहस को दर्शाती है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि जो कोई भी भारत में रहना चाहता है, उसे संविधान का सख्ती से पालन करना होगा। सिंह ने पत्रकारों से कहा कि ओवैसी के बयान वाकई हैरान करने वाले हैं। यह समझना मुश्किल है कि ओवैसी खुद के बारे में क्या सोचते हैं। क्या वे ऐसे लोग हैं जो भारत के संविधान का सम्मान करते हैं, या वे ऐसे लोग हैं जो संविधान के खिलाफ काम करते हैं? अगर सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट उनकी पसंद का फैसला सुनाता है, तो उन्हें वह मंजूर होता है। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता, तो वे सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट या किसी भी अदालत का विरोध करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ओवैसी अगर सिफऱ् शरिया कानून को ही प्राथमिकता देते हैं, तो देश भर के मुसलमानों को यह घोषित करने दें कि चोरी के मामलों में—जहाँ इस्लाम में हाथ काटने का प्रावधान है—हाथ काट दिए जाएँ। उस समय तो धाराओं के तहत सुरक्षा माँगते हैं, लेकिन अभी बुरा लग रहा है? इस देश में यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई भारत में रहना चाहता है, तो उसे भारत के संविधान का सख्ती से पालन करना होगा।
