झूठी तस्वीरों से सेना का मनोबल न गिराएं :रिजिजू


नई दिल्ली : केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से चीन की कथित घुसपैठ को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा से जुड़ी चिंताओं को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि भारत-चीन सीमा का कई हिस्सों में अब तक औपचारिक सीमांकन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सीमा पर स्थानीय लोगों की चिंता वास्तविक है, लेकिन बिना जमीनी स्थिति समझे अपुष्ट वीडियो और दावों के जरिए भ्रम फैलाना उचित नहीं है।
रिजिजू के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच सीमा काफी लंबी है लेकिन कई जगहों पर न तो सीमा स्तंभ हैं और न ही जमीन पर स्पष्ट सीमा रेखा निर्धारित है। उन्होंने कहा कि यह समस्या नई नहीं है और लंबे समय से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि सीमांकन नहीं होने के कारण कुछ इलाकों को लेकर दोनों देशों के दावों में अंतर है। इसी वजह से सीमा से लगे गांवों के लोगों में भी चिंता बनी रहती है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों के दौरान सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकसित करने को लेकर अलग नीति अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय भारतीय सीमा की तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाने की नीति थी। रिजिजू ने कहा कि दूसरी ओर चीन ने सीमा के पास सडक़ और अन्य ढांचागत सुविधाओं का निर्माण लगातार जारी रखा। रिजिजू ने दावा किया कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने सीमा क्षेत्रों में सडक़ और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि अब भारतीय सीमा की तरफ भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों तक सडक़ें बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में चीन ने अपनी मौजूदगी और सीमा से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया, जिसके जवाब में भारत ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी कनेक्टिविटी मजबूत करनी शुरू की।
चीन ने भारतीय गांवों पर कब्जा नहीं किया
रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यह कहना सही नहीं है कि चीन ने भारतीय गांवों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ विवादित हिस्सों में सीमा का स्पष्ट सीमांकन नहीं होने के कारण दोनों पक्ष अपने-अपने क्षेत्र का दावा करते हैं। उनके अनुसार भारत की ओर के लोगों का मानना है कि भारतीय क्षेत्र आगे तक फैला है, जबकि दूसरी तरफ के स्थानीय लोग भी उस जमीन पर अपना दावा करते हैं। इसी कारण कुछ क्षेत्रों में स्थिति जटिल बनी हुई है। रिजिजू ने माना कि ऊंची पहाड़ी चोटियों वाले क्षेत्रों में चीनी सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी की पेट्रोलिंग को पहले की तुलना में मजबूत किया गया है।

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