युवा टेक्नोलॉजी के साथ बड़े हुए हैं
नई दिल्ली:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों से कहा है कि वे बिजनेस के लिए जरूरी समझदारी से समझौता किए बिना देश के युवाओं की नजर में अपनी कूल इमेज को बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों को 2 अक्टूबर से 16 साल से ज्यादा उम्र के युवाओं पर फोकस करते हुए एक महीने का कैंपेन चलाना चाहिए।सीनियर बैंकिंग अधिकारियों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आज के युवा टेक्नोलॉजी के साथ बड़े हुए हैं। वह चाहते है कि बैंकिंग आसान, पर्सनलाइज़्ड और हर समय उपलब्ध हो।
सीतारमण ने कहा कि पब्लिक सेक्टर बैंकों की छवि आज भी लोगों के बीच पुराने सरकारी बैंकों जैसी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि 25 साल से कम उम्र के युवाओं से बातचीत के दौरान उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि किसी ने भी उस सरकारी बैंक का नाम नहीं लिया, जिसमें उसका अकाउंट है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने युवाओं से पूछा कि वे प्राइवेट बैंकों को क्यों पसंद करते हैं, तो युवाओं ने सरकारी बैंकों का नाम लेने में भी हिचकिचाहट दिखाई। उनके जवाब से ऐसा लगा कि युवाओं को सरकारी बैंक ‘कूल’ नहीं लगते। सीतारमण ने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि सरकारी बैंकों की ऐसी छवि बनी रहे। उन्होंने बैंकों से अपील की कि वे युवाओं से बात करें और समझें कि उन्हें बैंक की कौन-सी चीजें ‘कूल’ लगती हैं, ताकि ग्राहकों के सामने सरकारी बैंक भी ज्यादा आधुनिक और आकर्षक नजर आएं। सीतारमण ने साफ किया कि उनका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि सरकारी बैंक सिर्फ कूल दिखने के लिए अपने बैंकिंग के जरूरी नियमों और समझदारी से समझौता करें। उन्होंने कहा कि बैंकिंग एक सीरियस बिजऩेस है और बैंकों को आधुनिक और युवाओं के लिए आकर्षक बनने के साथ-साथ सही तरीके से काम करने का संतुलन भी बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि प्राइवेट बैंकों की युवाओं के बीच ऐसी इमेज बन गई है कि वे बैंकिंग के मामले में गंभीर होने के साथ-साथ ‘काफी कूल भी हैं।