गूगल की मदद से दस्तावेज तैयार करते हैं कंसल्टेंट
नई दिल्ली: केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गलत डीपीआर बनाने वालों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर हो रहे हादसों और उससे होने वाली मौतों का दोषी बताया। उन्होंने कहा कि गलत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने वाले कंसल्टेंट नेशनल हाईवे पर हादसों और उससे होने वाली मौत के लिए दोषी हैं। उन्होंने ठेकेदारों को कंस्ट्रक्शन क्वालिटी से समझौता करने पर ब्लैकलिस्ट करने समेत अन्य सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कंसल्टेंट गूगल की मदद से दस्तावेज तैयार करते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है। गडकरी ने कहा ”डीपीआर की क्वालिटी इतनी गलत है कि आज सडक़ों पर 5 लाख हादसे होते हैं और 1.8 लाख लोगों की मौत होती है और इन सभी मामलों में गलत डीपीआर की समस्या है। केंद्रीय मंत्री ने ठेकेदारों को इंफ्रा प्रोजेक्ट्स हासिल करने के बाद कंस्ट्रक्शन क्वालिटी से समझौता करने के खिलाफ भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल ऑडिट के अलावा परफॉर्मेंस का भी ऑडिट होगा और उसके नतीजों के आधार पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें ‘ब्लैकलिस्ट’ किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन सब वजहों से न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है बल्कि सडक़ हादसों में लोगों की जानें भी जा रही हैं। गडकरी ने कहा कि ठेकेदारों और डीपीआर सलाहकारों को रेटिंग दी जाएगी और इसके आधार पर ही तय किया जाएगा कि उन्हें भविष्य की बोलियों में शामिल किया जाए या नहीं।