भारत की भूमि समानता, समरसता और समभाव की भूमि : डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर किया ध्वजारोहण

लोक का तंत्र पर भरोसा ही सुशासन की पहली सीढ़ी
समानता के मूल भाव के विचार को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से लागू की जा रही समान नागरिक संहिता
भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की भूमि समानता, समरसता और समभाव की भूमि है। भगवान श्रीराम से लेकर भगवान श्रीकृष्ण तक और संतो से लेकर महापुरूषों तक, सभी ने समानता का संदेश दिया है। संविधान की इसी मूल भावना के अनुरूप, ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर रहें हैं। हमने “एक देश- एक विधान- एक प्रधान- एक निशान” के विचार को धरातल पर उतारकर, सबके लिए एक जैसा कानून लागू कर रहें हैं। समान नागरिक संहिता एक भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त कर समरसता का संचार करेगी। यूसीसी महिलाओं को अत्याचार और अन्याय से मुक्ति दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों और वंचितों की सरकार है। समाज के सभी वर्गों के कल्याण के साथ ही तेज गति से विकास करते हुए हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। लोक का तंत्र पर भरोसा ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। जन-कल्याण यदि साध्य है तो, जन-विश्वास और जन-संवाद उसके साधन। डॉ. यादव ने कहा कि राजाभोज द्वारा स्थापित भोजशाला, सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रही है। भोजशाला में राज्य सरकार, भव्य सरस्वती लोक बनायेगी तथा यहां राजा भोज संस्थान की स्थापना की जायेगी। श्रीराम वन गमन पथ एवं श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण राज्य की अध्यात्मिक समृद्धि को वैश्विक मंच पर नई पहचान देगा और भावी पीढिय़ों को अपनी विरासत से जोड़ेगा। डॉ. यादव ने कहा कि अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई तथा हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण देने की योजना है। डॉ. यादव ने कहा कि युवा पीढ़ी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ड्रोन, सेमीकंडक्टर, एआई, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगले ढाई वर्ष में, उन युवाओं पर विशेष रूप से फोकस करने जा रही है, जो किसी कारण से 10वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए अथवा जिन्होंने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। हम ऐसे युवाओं के हाथ में हुनर देकर इतना सशक्त बनाएंगे कि वे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश और विदेश जाकर भी रोजगार प्राप्त कर सके। राज्य सरकार ने समाज को दिशा देने वाले डिजीटल कंटेंट क्रिएटर्स को विभिन्न केटेगरी में सम्मानित करने का भी निर्णय लिया है। डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए वर्ष 2027 में भोपाल में फिर ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट आयोजित की जाएगी।डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों को निर्यात हब बनाने की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया है। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का विजन है कि हम प्रत्येक जिले में एक एमएसएमई पार्क की स्थापना करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के 10 एमएसएमई क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे।
अगले छह माह में एक हजार डॉक्टरों की नियुक्ति होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने की घोषणा की गई। मरीजों की जांच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों का ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध कराने की योजना है। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अगले 6 माह में एक हजार और डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। प्रदेश में अब 2 चिकित्सा विश्वविद्यालय हो जायेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग में ढाई वर्षों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है और 9,751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्टेडियम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों को 4 गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया है। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को नवकरणीय ऊर्जा का नया पॉवर सेंटर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।डॉ. यादव ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख शहरों में 550 से अधिक ई-बसों के संचालन का भी निर्णय लिया गया है। बरसों बाद मध्यप्रदेश में सडक़ परिवहन की तस्वीर बदलने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। श्रद्धालुओं की आस्था को केंद्र में रखते हुए शिप्रा नदी के निर्मल जल और अन्य सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। उज्जैन सिंहस्थ का आध्यात्मिक वैभव पूरी दुनिया को चकित कर देगा।
राज्य की प्रति व्यक्ति आय में हुई 9 प्रतिशत की वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 04 लाख 38 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 10 प्रतिशत अधिक है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में प्रचलित भावों पर पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अंतिम छोर के अंतिम खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुँचाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार खेत से लेकर कारखाने तक यानी फार्म टू फैक्ट्री तक पूरी वैल्यू चेन तैयार कर रही है। डॉ. यादव ने कहा कि गांवों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है।
बिजली गुल से बिजली फुल के युग में पहुंचा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब “बिजली गुल” के पुराने दौर से निकलकर “बिजली फुल” के युग में पहुंच गया है। हमने ऐतिहासिक रूप से बीते रबी मौसम में लगभग 20 हजार मेगावाट और इस बार 21 हजार मेगावाट से अधिक मांग की आपूर्ति हमने की है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन के रूप में, विचार विमर्श, अध्ययन और संवाद के नए केन्द्र विकसित किए जा रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन, सरकार का हृदयस्थल है। मध्यप्रदेश फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत 01 करोड़ से अधिक आईडी जनरेट कर शत-प्रतिशत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला देश का एकमात्र राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय कर्मचारी सच्चे अर्थों में एक कर्मयोगी हैं। ये पिछले 10 वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे थे। अब तक प्रदेश भर में 67 हजार से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिलाया जा चुका है।

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