नई दिल्ली : केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस संदर्भ में आवश्यक वस्तु अधिनियम और एलपीजी नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का हल देते हुए कहा कि राज्यों को निगरानी बढ़ानी चाहिए, तेल मार्केटिंग कंपनियों के साथ मिलकर रोजाना देखरेख और निरीक्षण करना चाहिए और ईंधन के गलत वितरण और अफवाहों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
राज्यों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे डेली प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करें, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन स्थापित करें और जनता को ईंधन की उपलब्धता को लेकर आश्वस्त करने के लिए फेक न्यूज का सक्रिय रूप से मुकाबला करें। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल और डीजल की पैनिक खरीद” और अनावश्यक एलपीजी बुकिंग से बचें और अफवाहों पर भरोसा न करें। साथ ही नागरिकों को एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और केवल आवश्यक होने पर ही डिस्ट्रीब्यूशन के पास जाने की सलाह दी गई है। सरकार ने कहा कि जहां संभव हो, लोग वैकल्पिक ईंधन इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप्स का उपयोग करें और दैनिक ऊर्जा खपत को कम करने का प्रयास करें। केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि “युद्ध की स्थिति” के बावजूद घरेलू एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस, साथ ही अस्पताल और शैक्षणिक संस्थाओं जैसी आवश्यक सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाया गया है, शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग अंतराल 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक बढ़ाया गया है।
यत्र तत्र सर्वत्र