सुपर स्पेशलिटी में कई मशीने स्टोर में सालों से कैद

शिवेंद्र तिवारी 9179259806

श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और संजय गांधी अस्पताल अव्यवस्थाओं की मकडज़ाल में फंसा हुआ है। यहां सिर्फ बिल्डिंग बन रही हैं लेकिन मरीजों को इलाज के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रहा। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ही ज्यादा जोर है लेकिन सुविधाओं की तरफ सब ने आंखे मूंद ली है। अब ताजा मामला एबीजी जांच का ही देख लीजिए। संजय गांधी अस्पताल में विंध्य भर के गंभीर मरीज भर्ती होते हैं। यहां हर दिन मरीजों की सांस उखड़ जाती है। इसके बाद भी इतने बड़े अस्पताल में सिर्फ एक एबीजी मशीन है। वहीं सुपर स्पेशलिटी अस्पताल कहने को स्पेशलिटी अस्पताल है लेकिन यहां भी सिर्फ एक ही एबीजी मशीन है। एबीजी मशीन कहने में भले ही तीन अच्छ का छोटा नाम हो लेकिन यह किसी भी मरीज की उखड़ती सांसों को रोकने और जिंदा रखने में बड़ी अहम भूमिका निभाती है। यही जांच दोनों अस्पतालों में मुश्किल से होती है। इसी का टोटा लगा रहता है। हाल ही में कार्टेज खत्म होने पर इस मशीन और जांच के खेल का सच सामने आया।
सुपर का कार्टेज खत्म हो गया था
एसजीएमएच के मेडिसिन विभाग के एसपीडब्लू में एक मशीन लगी है। वहीं एक मशीन सुपर के सीटीवीएस में लगी है। दोनों ही जगह सीरियर मरीज भर्ती होते हैं। इन मरीजों की हर आधे घंटे में जांच जरूरी है। इसी मशीन का कार्टेज सुपर में कुछ दिन पहले खत्म हो गया था तो एसजीएमएच के मेडिसिन विभाग का कार्टेज लगा दिया गया। इससे सुपर के मरीजों की तो सांसे थमने लगी लेकिन एसजीएमएच के मरीजों की सांसे उखडऩे लगी थी। आनन फानन में कंपनी से तुरंत रिएजेंट कार्टेज मंगवाया गया। तब मरीजों की जांच शुरू हो पाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *