भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कहा कि सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। गरीबों और निराश्रितों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और प्रदेश के हर जरूरतमंद को शासन की सेवाएं, सुविधाएं और संबल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी वर्ग या व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। विकास की बात पर हम सबका सहयोग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की बयार है। विकास की यह गति अब और तेज होगी। सबके सेवक के रूप में वे खुद चौबीसों घंटे सातों दिन प्राण-प्रण से सेवा में जुटे हुए हैं। सबका कल्याण ही हमारा लक्ष्य है। नागरिकों की समृद्धि और खुशहाली ही हमारा पारितोषिक है। मुख्यमंत्री उज्जैन जिले के खाचरौद में विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के ‘समग्र विकास’ के संकल्प के साथ काम कर रही है। हमारा मध्यप्रदेश अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 किसानों के कल्याण का साल है। इस दौरान हमारा पूरा फोकस किसानों पर ही रहेगा। इस साल हम कृषि आधारित उद्योगों के विकास पर विशेष ध्यान देंगे, जिससे किसानों और कृषि से जुड़े उद्यमियों को नई दिशा और अवसर मिलेंगे। गेहूं की खरीदी पर हम किसानों को 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रहे हैं। हम किसानों की आय बढ़ायेंगे। किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता बनायेंगे। इसके लिए प्रदेश के 32 लाख किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध करायेंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पम्प दिए जाएंगे। इससे उन्हें बिजली बिल से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। किसान खुद बिजली उत्पन्न करके खेतों में सिंचाई, छोटा-मोटा व्यवसाय और निजी उपभोग भी कर सकेंगे। साथ ही सरप्लस बिजली बेचकर अतिरिक्त आयार्जन भी वे कर सकेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए हमने किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान के लिए लगभग 3 हजार करोड़ की राशि बांटी है। भावांतर योजना से प्रदेश के 6.50 लाख किसानों को 1300 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
प्रदेश में सांस्कृतिक धारा का अभ्युदय हो रहा
मुख्यमंत्री ने कहा है कि नागदा की विश्व में अपनी अलग ही पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में सांस्कृतिक धारा का अभ्युदय हो रहा है। सिंहस्थ 2028 के लिए हमारी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सबसे अच्छे स्कूल बन रहे हैं। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यही समय है, सही समय है। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के पवित्र मंदिर के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। यह हमारे बच्चों के बेहतर और सुनहरे भविष्य की नई इबारत लिखेंगे। हमारी सरकार विरासत के संरक्षण के मार्ग पर चलते हुए प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण करा रही है। श्रीकृष्ण से जुड़े प्रत्येक स्थल को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।
मृत्युलोक में प्रत्येक मनुष्य का जीवन नियत
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद संपूर्ण भारत में सांस्कृतिक अभ्युदय का वातावरण बना है। राज्य सरकार ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास को गति प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य गीता भवन बनाने का संकल्प लिया है। डॉ. यादव ने कहा है कि हमने अपने पवित्र ग्रंथ गीता और रामायण के प्रसंगों को स्कूली पाठ्यक्रमों में भी स्थान दिया है। मुख्यमंत्री जबलपुर में गीता भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. यादव ने कहा कि भारत में चारों दिशाओं में श्रीराम और श्रीकृष्ण ने अपने पराक्रम से लीलाएं कीं। डॉ. यादव ने कहा कि मृत्युलोक में प्रत्येक मनुष्य का जीवन नियत है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश में रिश्तों की उलझनों को दूर करते हुए अर्जुन को कर्मवाद का सिद्धांत समझाया। गीता की महिमा ऐसी है कि हमारे मन का अंधकार दूर हो जाता है। स्वयं कष्ट उठाते हुए कैसे संसार की सेवा करें, यह संदेश हमें गीता के माध्यम से मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में उनका लालन-पालन करने वालीं यशोदा मैया और नंद बाबा की भूमिका भी महत्वपूर्ण थी।
गरीबों और निराश्रितों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता: डॉ. यादव