नारायणीबलिऔरत्रिपिंडीश्राद्धक्याहोता_हैं?

शिवेंद्र तिवारी 9179259806 भारतीय संस्कृति में पितृकर्म और श्राद्ध संस्कारों का विशेष महत्व होता है. इन कर्मों का उल्लेख ऋग्वेद, गरुड़ पुराण, धर्मसिंधु, स्मृति ग्रंथ और भविष्य पुराण में देखने को मिलता है. श्राद्ध की दो प्रमुख विधियां हैं, नारायणी बलि और त्रिपिंडी श्राद्ध. दोनों विधियां पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए…

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कुश या कुशा: कुशाग्र तथा कुशल शब्द इसी से बने हैं…श्राद्ध कर्म, पूजा – पाठ तथा यज्ञ – हवन आदि कार्य इसके बिना अधूरे हैं। लेकिन क्या आप इसे पहचानते हैं?कुश, कुशा या दर्भ एक पवित्र घास है, सनातनी परिवारों में पूजा पाठ के लिए कुशा का प्रयोग किया जाता है, किन्तु फिर भी कुशा की पहचान को लेकर हम आश्वश्त नही रहते। इस अध्याय में हम कुशा के विषय में विस्तार से जानेंगे।

✍️शिवेंद्र तिवारी 9179259806 कुश या कुशा: कुशाग्र तथा कुशल शब्द इसी से बने हैं…श्राद्ध कर्म, पूजा – पाठ तथा यज्ञ – हवन आदि कार्य इसके बिना अधूरे हैं। लेकिन क्या आप इसे पहचानते हैं?कुश, कुशा या दर्भ एक पवित्र घास है, सनातनी परिवारों में पूजा पाठ के लिए कुशा का प्रयोग किया जाता है, किन्तु…

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