संजय गांधी अस्पताल के मैटरनिटी विभाग में फैली अव्यवस्था
एक जमाना वह था जब प्रसव घरों में हो जाते थे। किन्तु उसे खतरनाक मानते हुये सरकार ने संस्थागत प्रसव पर जोर दिया। वर्तमान समय पर लगभग हर कोई प्रसव किसी न किसी सरकारी या गैर सरकारी संस्था में भी प्रसव करवाना चाहता है। किन्तु दुर्भाग्य का विषय यह है कि जिन सरकारी संस्थाओं पर…