सेंधा नमक : भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए Best Alkalizer है :-आप सोच […]
योग दिवस पर विशेष
पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र क्या है? पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र में महर्षि पतञ्जलि (पतंजलि) ने विभिन्न ध्यानपारायण अभ्यासों […]
पत्तल और एक सामाजिक पहल…….
जिस पर विचार करना हमारा सामाजिक कर्तव्य है…..एक बहुत छोटी सी बात है पर हमने उसे विस्मृत कर […]
धर्म में है राष्ट्र जीवन का प्रवाह : स्वामी विवेकानंद
धर्म में है राष्ट्र जीवन का प्रवाह : स्वामी विवेकानंद~ कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलस्वामी विवेकानन्द भारतीय चिति के एक […]
श्री बड़े हनुमानजी मन्दिर, त्रिवेणी संगम, प्रयागराज-जहाँ हनुमानजी लेटी हुई मुद्रा में विराजमान हैं
भारतवर्ष और विदेशों में अनेक मंदिरों में हनुमानजी की मूर्तियाँ स्थापित हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम मन्दिर हैं […]
यहां के शिवलिंग को लेकर एक दिलचस्प लोककथा है
यहां के शिवलिंग को लेकर एक दिलचस्प लोककथा है। कथा के अनुसार बहुत साल पहले जब जमींदारी प्रथा […]
भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है। इसका अर्थ है : सत्य ही जीतता है / सत्य की ही जीत होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है। ‘सत्यमेव जयते’ मूलतः मुण्डक-उपनिषद का सर्वज्ञात मंत्र ३.१.६ है। पूर्ण मंत्र इस प्रकार है:भारत का राष्ट्रीय चिह्नसत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।येनाक्रमंत्यृषयो ह्याप्तकामो यत्र तत्सत्यस्य परमं
शिवेंद्र तिवारी- +91 9179259806
प्रकाण्ड विद्वान #अष्टावक्र
अष्टावक्र इतने प्रकाण्ड विद्वान थे कि माँ के गर्भ से ही अपने पिताजी “कहोड़” को अशुद्ध वेद पाठ […]
