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सेंधा नमक : भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए Best Alkalizer है :-

सेंधा नमक : भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए Best Alkalizer है :-आप सोच रहे होंगे की ये सेंधा नमक बनता कैसे है ?? आइये आज हम आपको बताते हैं कि नमक मुख्य कितने प्रकार होते हैं। एक होता है समुद्री नमक दूसरा होता है सेंधा नमक (rock salt) । सेंधा…

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आज विश्व संगीत दिवस भी..

किस विवशता के चलते रामचन्द्र को छोड़ अकबर के दरबार पहुंचे तानसेन!पुनर्वालोकन/जयराम शुक्ल विधिना यह जिय जानि के शेषहि दिये न कान।धरा मेरू सब डोलि हैं, सुनि तानसेन की तान।। अर्थात- “ब्रह्मा ने यह जानकर ही शेषनाग को कान नहीं दिए क्योंकि तानसेन की तान से मुदित होकर शेषनाग नाचने लगते व पहाड़ों समेत यह…

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योग दिवस पर विशेष

पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र क्या है? पतञ्जलि (पतंजलि) योग सूत्र में महर्षि पतञ्जलि (पतंजलि) ने विभिन्न ध्यानपारायण अभ्यासों को सुव्यवस्थित कर उनकों सूत्रों में संहिताबद्ध किया है। यह सूत्र योग के आठ अंगों को दर्शाते है। इसमें कुल १९५ सूत्र है जिन्हे ४ पदों में विभाजित किया गया है। समाधि पद – इसमें ५१ सूत्र…

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पत्तल और एक सामाजिक पहल…….

जिस पर विचार करना हमारा सामाजिक कर्तव्य है…..एक बहुत छोटी सी बात है पर हमने उसे विस्मृत कर दिया हमारी भोजन संस्कृति, इस भोजन संस्कृति में बैठकर खाना और उस भोजन को “दोने पत्तल” पर परोसने का बड़ा महत्व था एक समय तक रहा, कोई भी मांगलिक कार्य हो उस समय भोजन एक पंक्ति में…

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धर्म में है राष्ट्र जीवन का प्रवाह : स्वामी विवेकानंद

धर्म में है राष्ट्र जीवन का प्रवाह : स्वामी विवेकानंद~ कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलस्वामी विवेकानन्द भारतीय चिति के एक ऐसे महापुरुष हैं जिनके विचारों एवं दर्शन की झंकृति ह्रदय की चैतन्यता को जागृत कर देती हैं।उनका नाम स्मरण में आते ही ऊर्जा की तरंगें मनमस्तिष्क में आलोड़ित होने लगती हैं।स्वामी जी एक ऐसे युगदृष्टा महापुरुष हैं…

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श्री बड़े हनुमानजी मन्दिर, त्रिवेणी संगम, प्रयागराज-जहाँ हनुमानजी लेटी हुई मुद्रा में विराजमान हैं

भारतवर्ष और विदेशों में अनेक मंदिरों में हनुमानजी की मूर्तियाँ स्थापित हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम मन्दिर हैं जहां हनुमानजी लेटी हुई मुद्रा में विराजमान हैं। ऐसे कुछ मन्दिर जहां हनुमानजी की प्रतिमा लेटी हुई विश्राम मुद्रा में स्थापित हैं, निम्नांकित हैं: त्रिवेणी संगम, प्रयागराज स्थित श्री बड़े हनुमानजी मन्दिर, महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के…

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यहां के शिवलिंग को लेकर एक दिलचस्प लोककथा है

यहां के शिवलिंग को लेकर एक दिलचस्प लोककथा है। कथा के अनुसार बहुत साल पहले जब जमींदारी प्रथा चल रही थी तब पारागांव में रहने वाले शोभा सिंह नाम के जमींदार यहां पर खेती-बाड़ी किया करते थे। एक दिन जब शोभा सिंह शाम को अपने खेत में गए तब उन्होंने खेत के पास एक विशेष…

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भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है। इसका अर्थ है : सत्य ही जीतता है / सत्य की ही जीत होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है। ‘सत्यमेव जयते’ मूलतः मुण्डक-उपनिषद का सर्वज्ञात मंत्र ३.१.६ है। पूर्ण मंत्र इस प्रकार है:भारत का राष्ट्रीय चिह्नसत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।येनाक्रमंत्यृषयो ह्याप्तकामो यत्र तत्सत्यस्य परमं

शिवेंद्र तिवारी- +91 9179259806

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प्रकाण्ड विद्वान #अष्टावक्र

अष्टावक्र इतने प्रकाण्ड विद्वान थे कि माँ के गर्भ से ही अपने पिताजी “कहोड़” को अशुद्ध वेद पाठ करने के लिये टोंक दिए जिससे क्रुद्ध होकर पिताजी ने आठ जगह से टेड़ें हो जाने का श्राप दे दिया था। पौराणिक_कथा .अष्टावक्र अद्वैत वेदान्त के महत्वपूर्ण ग्रन्थ अष्टावक्र गीता के ऋषि हैं। अष्टावक्र गीता अद्वैत वेदान्त…

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