1857 का विद्रोह और विंध्यएक ब्राह्मण को बचाने बलिदान हो गए थे चार ‘क्षत्रिय लाल’
©शिवेंद्र तिवारी कहानी विंध्य के रणबांकुरों की..पहली किश्त में लाल श्याम शाह 1857 की क्रांति की चर्चा होती है तो हम विंध्य को भूल जाते है… आज कहानी उसी क्रांति की.. उन क्षत्रिय बहादुरों की जो एक ब्राह्मण को बचाने बलिदान हो गए.. पहली किस्त में कहानी ठाकुर श्याम शाह की जिनके नाम रीवा का…