विंध्यभारत, रीवा
विंध्य क्षेत्र की कला, संस्कृति और प्रतिभा की गूंज सदियों से देश-दुनिया तक प्रभावशाली रूप से पहुंचती रही है. इसका यह गौरवशाली सिलसिला आज भी उसी दमखम के साथ आगे बढ़ रहा है. विंध्य के रीवा में स्थित कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय “रेवा फिल्म फेस्टो 2025” का आयोजन होने जा रहा है. जिसमें कला, संस्कृति और सिनेमा का भव्य संगम एक अलग ही ऐतिहासिक पहलू को उजागर करेगा. रेवा फिल्म फेस्टो की मुख्य झलकियां रामायण, व्हाइट टाइगर और शोमैन राजकपूर- तीनों का वो अनूठा रीवा-रूस कनेक्शन हैं, जिसने वर्षों से दो संस्कृतियों को जोडऩे का काम किया है।
रीवा में पहली बार आयोजित होने जा रहा रेवा फिल्म फेस्टो 2025 विंध्य की धरती पर कला, संस्कृति और सिनेमा का ऐसा संगम रचेगा, जिसे रीवा लंबे समय तक याद रखेगा. 12 से 14 दिसंबर तक होने वाला यह ऐतिहासिक आयोजन सिर्फ एक फिल्म फेस्टिवल नहीं, बल्कि कला, संगीत और संस्कृति का महापर्व बनने जा रहा है. इसकी सबसे खास बात यह है की इस समरोह को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने वाली है. रूस समेत कई भारतीय सिनेमा के कई कलाकार शामिल होंगे, साथ ही विंध्य की माटी से निकले प्रतिभाशाली कलाकार भी इस मंच पर रोशन होंगे।
रुसी कलाकारों के साथ सोनू सूद आएंगे रीवा
आयोजित कार्यक्रम में रूसी कलाकारों के साथ ही भारतीय फिल्म जगत के जाने माने कलाकार अभिनेता सोनू सूद शिरकत करेंगे. अयोध्या राम मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी के द्वारा फहराए गए धर्म ध्वज के खोजकर्ता रीवा के सेमरिया निवासी और देश के जाने माने इंडोलॉजिस्ट ललित मिश्रा भी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इसके अलावा टीवी शो डोरेमोन में शिजुका की आवाज बनने वाली पारुल भटनागर अपने खास अंदाज के साथ महाउत्सव में धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराएंगी. एक्टर अर्जुन द्विवेदी, अभिनेत्री पूजा चोपड़ा, एक्टर सांतनु शुक्ला, वर्ष 2021 की मिस इंडिया मान्या सिंह, टीवी एकट्रेस विंध्या तिवारी, कलाकार अविनाश सिंह परिहार सहित कई सितारें शामिल होंगे.
तीनो धरोहरों को एक सूत्र में पिरोयेगा फिल्म फेस्टो
इन्हीं तीनों धरोहरों को एक सूत्र में पिरोते हुए रीवा फिल्म फेस्टो का भव्य मंच रीवा के कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में तैयार किया जा रहा है. तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव रीवा को अंतरराष्ट्रीय कला-संस्कृति के उभरते हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जहां फिल्म स्क्रीनिंग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन की भागीदारी और रीवा- रूस सांस्कृतिक संवाद जैसे कई विशेष आयोजन इस पूरे कार्यक्रम की शोभा और प्रभाव को कई गुना बढ़ाने वाले हैं. इसमें भारतीय और रूसी कलाकार संस्कृति की एकता और विविधता का संदेश देंगे।