बिना एक भी गोली चलाए अनुच्छेद 370 को हटा दिया
मातृभाषा के साथ दूसरी भाषा भी जानें
मुंबई : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा-राजग शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। “हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहित लागू की है और मुझे विश्वास है कि भाजपा-राजग शासित सभी 21 राज्यों में हम 2029 से पहले इसे लागू कर देंगे।” उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार देने के सरकार के प्रयासों के हिस्से के रूप में तीन तलाक को खत्म करने का भी जिक्र किया।
अमित शाह ने मीडिया से कहा “हमारी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार देने के लिए तीन तलाक को खत्म किया। हमने बिना एक भी गोली चलाए या खून बहाए अनुच्छेद 370 को हटा दिया। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। कुछ राज्यों ने यूसीसी लागू किया है। हमारा संकल्प है कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी-शासित सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू किया जाए।” केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राजभाषा हिंदी देश भर की सभी भाषाओं से जुड़ी हुई है। मैं गुजरात से आता हूँ, जहाँ गुजराती बोली जाती है, लेकिन हिंदी की वजह से मुझे राष्ट्रीय स्तर पर काम करने में कभी कोई परेशानी नहीं हुई। राजभाषा ने मुझे देश भर में काम करने का शानदार अवसर दिया है। शाह ने कहा कि बच्चों को अपनी मातृभाषा के साथ एक दूसरी भारतीय भाषा भी सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मातृभाषा बच्चे के विकास और उसकी जड़ों से जुड़ाव के लिए जरूरी है, जबकि दूसरी भारतीय भाषा सीखने से उसका संबंध देश के दूसरे हिस्सों और वहां की संस्कृति से मजबूत होता है। अमित शाह ने कहा कि कोई बच्चा अपनी मातृभाषा सीखे बिना पूरी तरह विकसित नहीं हो सकता। उनके मुताबिक प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा को महत्व देना नई शिक्षा नीति की अहम बात है। शाह ने कहा कि दूसरी भारतीय भाषा सीखने से बच्चे का जुड़ाव ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना से अपने आप बढ़ेगा। उनके अनुसार जब कोई बच्चा अपनी मातृभाषा और देश की किसी दूसरी भाषा को समझता है तो वह संकीर्ण सोच से बाहर निकलता है और पूरे भारत से जुड़ता है। उन्होंने इस व्यवस्था का विरोध करने वालों को लेकर कहा कि वे इसके महत्व को नहीं समझ रहे हैं।
बच्चे के शुरुआती विकास में अपनी भाषा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण
शाह ने कहा कि नई शिक्षा नीति में प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा में सीखने को महत्व दिया गया है। उनका तर्क था कि बच्चे के शुरुआती विकास में अपनी भाषा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही दूसरी भारतीय भाषा सीखने पर जोर देकर उन्होंने भाषाई विविधता को समझने की बात कही। शाह के मुताबिक यह केवल भाषा सीखने का विषय नहीं है, बल्कि इससे बच्चे का देश के अलग-अलग हिस्सों, लोगों और संस्कृतियों से रिश्ता मजबूत होता है।

